कन्नौज। अब से 12 साल पहले एक युवक की गैरइरादतन हत्या के आरोपी को अदालत ने दोषी करार दिया है।
पांच साल कैद की सजा सुनाई गई। पिता व भाई को मारपीट के आरोप में दोषी करार देते हुए छह-छह माह की कैद हुई है। सभी पर जुर्माना लगाया गया है। मामले में सभी गवाह अदालत में मुकर गए थे। उसके बाद भी अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
मामला छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव कुंवरपुर लोधपुर का है। यहां 12 साल पहले 14 अक्तूबर 2011 को वारदात हुई थी। शासकीय अधिवक्ता संत कुमार दुबे ने बताया कि कुंवरपुर लोधपुर निवासी नरेंद्र सिंह पुत्र तुलाराम ने कोतवाली में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसका भाई अनिल कुमार गांव के हजारीलाल के ट्यूबवेल से फसल की सिंचाई कर रहा था। उसी समय गांव के राजकिशोर व उनके बेटों प्रमोद, भूरेलाल व विनोद अनिल पर हमला बोल दिया। हमले से बचकर अनिल ने घर पर सूचना दी। इस पर चाचा हरनाथ सिंह, मां कुसुमलता, बहन रीना व चचेरी बहन गीता खेत पर पहुंची तो आरोपियों ने उन सभी की भी पिटाई कर जख्मी कर दिया। दो दिन बाद इलाज के दौरान बहन रीना की मौत हो गई।
विवेचना कर रहे उपनिरीक्षक यतेंद्र सिंह ने 18 जुलाई 2013 को अदालत में सभी के खिलाफ चार्जशीट दायर की। अभियोजन पक्ष ने जिन 10 गवाह को पेश किया, उनमें बाद में सभी लोग मुकर गए। इसके बावजूद अदालत ने सुनवाई के बाद आरोपियों को सजा सुनाई। शुक्रवार को अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-द्वितीय) हरेंद्रनाथ ने राजकिशोर, प्रमोद, भूरेलाल व विनोद को दोषी करार दिया। प्रमोद को गैरइरादतन हत्या में पांच साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। राजकिशोर, विनोद व भूरेलाल को केवल मारपीट में छह-छह माह का कारावास व 500-500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।