छिबरामऊ। सौरिख बस स्टैंड के अंदर मोहल्ला बनवारी नगर में संचालित शराब ठेके पर दूसरे दिन मंगलवार को भी महिलाएं पहुंच गईं और शटर गिराकर दुकान बंद कर दी। सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया पर ठेका नहीं खुलने दिया।
मोहल्ला गांधी नगर वार्ड के शराब ठेके का लाइसेंस गुरसहायगंज निवासी रज्जन गुप्ता का है। यह ठेका पिछले कई सालों से पुराना सौरिख बस स्टाॅप के अंदर चल रहा था। रज्जन गुप्ता ने उसी दुकान को किराए पर लेकर शराब ठेका शुरू कर दिया। एक अप्रैल को शराब ठेका खुलते ही मोहल्ले की महिलाओं ने बंद कराने की मांग के लिए प्रदर्शन शुरू कर दिया। अगले दिन मंगलवार को सेल्समैन दोपहर डेढ़ बजे ठेका खोलने पहुंचा, महिलाएं दुकान पर आ धमकी और शटर गिराकर दुकान को बंद कर दिया।
सूचना पर नायब तहसीलदार भरत मौर्य व अतिरिक्त निरीक्षक चंद्रप्रकाश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। महिलाओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन महिलाएं शिफ्ट करने की मांग पर अड़ी रहीं। इस बीच शराब ठेकेदार रज्जन गुप्ता भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने उन्हें लाइसेंस दिया है। विरोध करने वाले लोग दो दिनों में लाइसेंस निरस्त करा दें तो दुकान छोड़ दी जाएगी। दो दिनों में लाइसेंस निरस्त न होने पर गुरुवार से ठेका शुरू किया जाएगा। इस दौरान शिल्पी दुबे, पूनम गुप्ता, ओमकांती, अंजली शुक्ला, सरोज देवी, साधना दुबे, रजनी दुबे, रेखा गुप्ता, मधू, रामा मिश्रा, रश्मी दीक्षित, दीप्ती आदि मौजूद रही।
दुकान मालिक से नोकझोंक
शराब ठेके के लिए दुकान किराए पर देने के कारण महिलाओं ने दुकान स्वामी व सेल्समैन को खूब खरी खोटी सुनाईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराबी नशा हावी होने पर उत्पात मचाते हैं। इसका असर आसपास रहने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। वहीं शराब ठेका के संचालक रज्जन गुप्ता ने कहा कि लोगों के विरोध की जानकारी नहीं थी, अन्यथा वह दुकान किराए पर नहीं लेता।
हनुमान मंदिर के पास संचालित है शराब ठेका
मोहल्ले विनय शुक्ला, रवींद्र सिंह वर्मा, अजय शुक्ला, शरद कुमार, सुमित दुबे आदि का कहना है केंद्र व प्रदेश सरकार देवस्थलों के पास शराब ठेके पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बाद भी हनुमान मंदिर से चंद कदमों की दूरी पर शराब ठेका संचालित किया जा रहा है। मंदिर के अलावा यहां पर कई कोचिंग सेंटर व क्लीनिक संचालित है। जहां प्रतिदिन महिलाओं, छात्राओं का आना जाना रहता है।