छिबरामऊ (कन्नौज)। पेयजल संकट से जूझ रहीं बहवलपुर की महिलाओं ने जल निगम व नगर पालिका के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन किया। इन्होंने चिलचिलाती धूप में खाली बाल्टी लेकर मानव श्रृंखला बनाई। उधर, नए नलकूप की मांग को लेकर गमा देवी मंदिर परिसर में 20 वें दिन भी क्रमिक अनशन जारी रहा।
सोमवार को पेयजल संकट से जूझ रहीं महिलाओं का आक्रोश फूट पड़ा। महिलाओं ने भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में खाली बाल्टियां लेकर मानव श्रृंखला बनाई। जल निगम व नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी की। कमला देवी ने कहा कि जब तक पेयजल संकट दूर नहीं होता, महिलाएं विरोध-प्रदर्शन जारी रखेंगी। घर छोड़कर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगी। इस मौके पर धन देवी, पिंकी, सावित्री सक्सेना, प्रीती देवी, फूलमती, राममूर्ति, विमला देवी, वेदवती, राजवती, कुसुमा, बबली, माया, संध्या, सुशीला देवी, रिंकी, सीता शर्मा, ओमवती, कमरुन्ना, रामदुलारी, प्रेमलता, कौशल्या, रामश्री, पिंकी, प्रमिला, रघुवीर सिंह, शैलेंद्र सिंह, सावित्री देवी, नेहा शाक्य, सुधा शर्मा व अनीता कुमारी सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं
आर-पार की लड़ाई लड़ने का किया एलान
बहवलपुर के गमा देवी मंदिर परिसर में नए नलकूप की मांग को लेकर क्रमिक अनशन 20 वें दिन भी जारी रहा। अगुवाई कर रहे सभासद प्रतिनिधि हरिशरण शाक्य ने कहा कि प्रशासन की अनदेखी जारी रही तो किसी भी दिन लोगों का आक्रोश फूट सकता है। कई सालों से बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे लोग इस बार आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हैं। सोमवार को सभासद प्रतिनिधि जयप्रकाश, मनोज कुमार सिंह, समाजसेवी अमित शाक्य, आर्यन शाक्य, मुनीश्वरनाथ शुक्ला, किशनलाल शाक्य, सोबरन, रामशंकर व बादाम सिंह आदि लोग क्रमिक अनशन पर बैठे।
पानी के लिए फिर भिड़ीं महिलाएं
बहवलपुर में पेयजल के समुचित इंतजाम न होने से हैंडपंपों पर पूरे दिन कतार लगी रहती है। सोमवार को पानी को लेकर महिलाएं फिर से आपस में भिड़ गईं। इनमें नोकझोंक हुई। बाद में गांव के लोगों ने महिलाओं को समझा बुझाकर शांत किया। बहवलपुर में पानी को लेकर आए दिन लोग आपस में झगड़ जाते हैं।