ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त के बैंक मित्रों एवं शाखा प्रबंधकों की कार्यशाला सरायमीरा स्थित एक निजी प्रतिष्ठान पर हुई। जहां उन्हें बैंक से दिए जाने वाले लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त के 130 बैंक मित्रों और 38 शाखा प्रबंधकों की कार्यशाला में जीएम जीके श्रीवास्तव ने बताया कि कृषि व अन्य क्षेत्रों में अधिक से अधिक ऋण वितरण के लिए किसानों को जागरूक करें। साथ ही बैंक की विभिन्न योजनाओं के बारे में भी बताएं। योजनाओं का लाभ की जानकारी जन सामान्य को योजना शुरू होने से पहले बताएं।
जिससे वह समय रहते बैंक शाखा में पहुंचकर योजना का लाभ किसी कठिनाई के उठा सकें। कार्यशाला में प्रधान कार्यालय के वित्तीय समावेसक विभाग के मुख्य प्रबंधक अनवर हुसैन ने वित्तीय समावेशन के संबंध में जानकारी दी। एवं उसके क्रियान्वयन के बारे में बताया।
क्षेत्रीय प्रबंधक आरके सक्सेना ने महाप्रबंधक द्वारा दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति करने के लिए बैंक मित्रों एवं शाखा प्रबंधकों को प्रोत्साहित किया। साथ ही बैंक की विभिन्न योजनाओं में ऋण वितरण के लिए मार्ग दर्शन किया। प्रधान कार्यालय के मुख्य प्रबंधक वाईपी मृदुला ने शाखा प्रबंधकों से अपेक्षा की कि ओटीएस योजना का क्रियान्वयन बैंक नियमों के अन्तर्गत किया जाए।
ऋण वितरण को प्राथमिकता दी जाए। कार्यक्रम का संचालन आरके दुबे वित्तीय सलाहाकार ने किया। इस मौके पर एमसी पाल, अंशुल दीक्षित, बादाम सिंह पाल ने बैंक के संबंध में विचार व्यक्त किए।