भारतीय किसान यूनियन (भानू) के पदाधिकारियों व सदस्यों ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। किसान हितों की उपेक्षा का आरोप लगाकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। बाद में प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी मोहन शुक्ला को सौंपा।
जिलाध्यक्ष गंगाचरन यादव की अगुवाई में दर्जनों किसान दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। विगत 7-8 माह में किसान मजदूर हित में कदम न उठाने पर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया। वहीं पिछली सरकार द्वारा किसान हित में उठाए गए कदमों के विरूद्ध संशोधन पर निराशा जताई।
भूमि अधिग्रहण कानून में किए गए संशोधन को वापस लिए जाने, अविरल स्वच्छ यमुना की धारा सुनिश्चित किए जाने की मांग उठाई। वहीं एक एकड़ से कम भूमि वाले किसानों को मजदूरों की श्रेणी में लाकर उन्हें मजदूरों के हित में चलाई जा रही योजनाओं का लाभ मुहैया कराया जाए।
जनधन योजना में खोले गए खातों से 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके किसानों मजदूरों को 5 हजार रूपए मासिक पेंशन दिए जाने की मांग उठाई। किसानों को उनकी उपज का उचित लागत नहीं मिल पा रही है। इससे परिवारों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। खरीफ का सीजन बीत गया। धान की खरीद पिछले वर्ष से भी बदतर चल रही है। चुनावी घोषणा के मुताबिक खरीद मूल्य की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कृषि उत्पाद धान व गेंहू का समर्थन मूल्य 3 हजार रूपए प्रति कुंतल, आलू का समर्थन मूल्य 1500 रूपए प्रति कुंतल व गन्ना का मूल्य 500 रूपए निर्धारित किया जाए। किसानों ने 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर जल्द किसान हितों में काम किए जाने की मांग उठाई। इस मौके पर जिला महामंत्री उमेशचंद्र द्विवेदी, मुन्नू सिंह, शैलेंद्र सिंह यादव, श्यामाचरन दिवाकर, रंजन कुमार, विनय यादव, मुन्नालाल सहित कई किसान मौजूद रहे।