जेपीएस पब्लिक स्कूल में वन विभाग ने वन्य प्राणी
सप्ताह का आयोजन हुआ, जिसमें आम जनमानस को वन्य प्राणियों के प्रति
सद्भावना रखने के लिए प्रेरित किया गया। वन प्रभाग के तत्वाधान में मानव
जीवन के लिए वन्य जीवों का अस्तित्व विषय पर दो समूहों में निबंध व
चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन हुआ।
प्रथम समूह कक्षा छह से कक्षा आठ व
द्वितीय समूह कक्षा नौ से कक्षा दस ने प्रतिभाग किया। निबंध प्रतियोगिता
में कनिष्ठ वर्ग से आकांक्षा राजपूत ने प्रथम, प्रियंका सिंह द्वितीय व
इंदू कटियार तृतीय रहीं। वरिष्ठ वर्ग से हिमाद्रि सिंह प्रथम, साक्षी
कटियार द्वितीय व प्रतिष्ठा गुप्ता तृतीय रही।
चित्रकला प्रतियोगिता में
कनिष्ठ वर्ग से उज्जवल माथुर ने प्रथम, रित्विका सिंह द्वितीय व राशिका
त्रिवेदी तृतीय रही। वरिष्ठ वर्ग से अंशिका तिवारी प्रथम, पलक राय द्वितीय,
रितका दुबे तृतीय रही। वनाधिकारी आरके सिंह ने कहा कि वन्य प्राणी अपनी कई
गतिविधियों से हमारे जीवन को संरक्षित करते हैं।
वनों में विचरण करने वाले
बहुत से वन्य प्राणी विलुप्त हो चुके हैं। इनमें हमारे घरों एवं आसपास
भ्रमण करने वाली गौरैया का भी जीवन है जो विलुप्तीकरण की कगार पर है। कहा
कि गौरैया चिड़िया को सुबह के वक्त देखना शुभ माना गया है। इसके अलावा तमाम
वन्य प्राणियों की सुरक्षा न होने से वह भी विलुप्त होते जा रहे हैं।
कहा
कि हमारे जनजीवन पर प्रतिकूल असर दिखाई देने लगा है। छात्रों को जागरूक
करते हुए कहा कि अपने घरों व आसपास के क्षेत्रों में वन्य प्राणियों को
संरक्षित करने का प्रयास करें, जिससे जनजीवन भी सुव्यवस्थित रहेगा।
प्रधानाचार्य डा. संजय शुक्ला ने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि ईश्वर
प्राणि मात्र में व्याप्त है।
यदि हम अनजाने में भी किसी जीव-जंतु को कष्ट
पहुंचाते हैं तो निश्चित ही उस परम सत्ता को कष्ट होता है। प्रबंधक अवधेश
मिश्र ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रतियोगिता सफलता
का पथ प्रशस्त करती है। वन्य प्राणियों के संरक्षण की प्रेरणा देते हुए कहा
कि हम वन्य प्राणियों का संरक्षण नहीं करेंगे तो प्रकृति असंतुलित हो
जाएगी और उत्तर दाई सिर्फ हम ही होंगे। कहा कि वन्य प्राणियों के प्रति
सद्भाव रखते हुए उनके संरक्षण का प्रयास करना चाहिए।