त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव आरक्षण को लेकर दावेदारों ने तोड़ निकाल लिया है। आरक्षण माकूल रहा तो खुद नहीं तो पत्नी, भाभी या मित्र को चुनाव लड़ाया जाएगा। यह रिमोट से चलेंगे।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर सालों से तैयारी करने वाले अपनी मेहनत जाया नहीं होने देना चाहते। आरक्षण कुछ भी हो, यह मैदान में जरू र होंगे। आरक्षण में बदलाव से खुद न लड़ पाए तो परिजनों, रिश्तेदारों या चहेतों को उतारेंगे। ये सिर्फ मोहरे होंगे।
दांव दिग्गज चलेंगे। जीत हासिल होने पर इन्हीं की हां या न चलेगी। चुनाव में सबसे ज्यादा मशक्कत ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर है। ग्राम पंचायतों में बड़ी संख्या में दावेदार हैं। इन्होंने आरक्षण की हर स्थिति को लेकर तैयारी कर रखी है।
जिला पंचायत अध्यक्ष का आरक्षण तय हो गया है। अब जिला स्तर पर ब्लाक प्रमुख, प्रधान व ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य का आरक्षण व पद आवंटन होना है।
इसके लिए 16 व 17 फरवरी को जिला पंचायत राज अधिकारी व जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी को लखनऊ में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर बीडीओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीएम के अनुमोदन के बाद विभिन्न पदों पर आरक्षण व पद का आवंटन होगा।