छिबरामऊ (कन्नौज)। सलमा की जगह अगर सलमान होता या कहीं बम होता तो क्या होता ... । यह कहना था साध्वी प्राची का। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हिजाब खींचने को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने विपक्ष विपक्ष को आड़े हाथों लिया। कहा कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं तो इसको इंटरनेशनल मुद्दा बनाया जा रहा है।
शनिवार को नगर के पूर्वी बाईपास पर एक निजी विद्यालय में आईं साध्वी प्राची ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जब कुरान मे औरतों को सरकारी नौकरी व मस्जिद में जाने की इजाजत नहीं है, तो बिहार की डा. नुसरत ने सरकारी नौकरी क्यों हासिल की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यदि हिजाब खींच दिया तो कौन सी बड़ी बात है। यदि महिला की जगह कोई आतंकवादी होता तो क्या होता ? इस समय विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। अब झारखंड सरकार मनचाही नौकरी देने का उसे ऑफर दे रही है। यही मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति है। उन्होंने जनसंख्या नियंत्रण को लेकर सवाल खड़ा किया कि एक तरफ वह 74 बच्चे पैदा कर रहे है, तुम चार भी नहीं कर रहे हो, जिससे हिंदुओं की जनसंख्या कम होती जा रही है। उन्होंनं हिंदुओं से जनसंख्या बढ़ाने का आहवान किया। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद बनाने के ऐलान पर कहा कि बाबर आक्रमणकारी और आततायी था। उसके नाम पर कहीं भी मस्जिद नहीं बननी चाहिए। साध्वी प्राची ने कहा कि सभी सनातनियों को इस समय जागरूक रहना होगा और विरोधी ताकतों को डटकर जवाब देना होगा।