हजरत बाबा कालन सईद रहमतुल्ला अलैह का 32वां उर्स अराकीन हिंदू-मुस्लिम एकता इंतजामियां उर्स कमेटी ने धूमधाम से मनाया।
इस दौरान बाबा की मजार पर गागर और चादर चढ़ाने का दौर चला। इसमें एसजीआर महाविद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजयपाल सिंह यादव व नगर पंचायत चेयरमैन दिनेश सिंह यादव, मनोज सविता, हिमांशु भदौरिया, जितेंद्र बाबू, असरफ मैनेजर, कमेटी सदर तनवीर वारसी ने शिरकत की।
उर्स में नागपुर की आडियो वीडियो सिंगर मलिका एतरन्नुम साहिबा परवीन ने सुनाया- मेरे हाथों में कमली वाले कदमों की धूल है, मुझ पर मेहरबान रसूल की है, क्या बिगाड़ेंगे जमाने वाले मेरे ख्वाजा हैं मुझको बनाने वाले... सुनकर श्रोता तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।
वहीं अजमेर नगर के कव्वाल ने राजा जी मेरे बली के ख्वाजा जी हैं। ख्वाजा मेरी सुनने वाला... सुनकर लोगों ने वाहवाह लूटी। नगर कानपुर के कव्वाल टीवी व फिल्मी आर्टिस्ट शरीफ परवाज ने गाया- दिल की लगी है क्या ए जरा दिल लगाकर देखें, आंसू बहाकर देखें, राज जानना है तो खुद को जलाकर देखें... सुनकर अकीदतमंद झूमने लगे।
आगरा से आए कलाकार इमरान ताज ने- नस-नस बोले नवी-नवी के अलावा दूर पर्वत से जा रहा कोई, सूने पर्वत को जगा रहा है कोई, ऐसा लगता है कि मुझको बुला रहा है कोई.. व चस्म बड़े नमकीन हो जाएं। ईद से पहले ही ईद हो जाए, जो भी देखे मेरे सैयद बाबा कालन का मुरीद हो जाए।
उर्स के दौरान लोगों ने लंगर चखा। लंगर प्रभारी कल्लू इदरीशी, रिजवान खां, सईम खां, मेराज राईन, नसीम अहमद लगे रहे। वहीं बाबा मजार मैदान में लगे मीना मेले में अच्छी खासी लोगों की भीड़ उमड़ी। मेला प्रभारी सभासद शकील खां अपनी टीम के साथ मुस्तैदी से देखरेख में डटे रहे।
उर्स के दौरान रसूलाबाद, अकरमाबाद, गदनापुर, सलेमपुर, नेकरामपुर, ताहपुर, भवानीसराय, माधवनगर, अमोलर, ढिपारा समेत दर्जनों गांव की भीड़ डटी रही। थानाध्यक्ष मोहम्मद इमरान खान पुलिसबल के साथ मुस्तैद रहे।
रविवार सुबह साढे़ छह बजे मजार पर मौलाना वहीद, मौलाना इजाज अहमद, मौलाना नईम अख्तर ने कुलशरीफ के आयोजन में फातियां पढ़कर मुल्क के लिए अमन-चैन की दुआ मांगी। बाद में उर्स का समापन हो गया।
इस मौके पर सभासद परवेज, मोहम्मद आरिफ, नजीब अनवर, फारुख ताजी, वाहिद उस्मानी, डॉ. सैनी, डॉ. तौकीर वारसी, इकलाख वारसी, जानू खां, शानू खां, हाजी इरशाद, इकबाल वारसी, राजू, अतुल गुप्त, तसलीम, तासीम खां, गोविंद शर्मा, यूसुफ, पप्पू खां आदि मौजूद रहे।