बारिश और नरौरा बांध से पानी छोड़े जाने के बाद गंगा का जलस्तर रविवार को चेतावनी बिंदु के पार 124.990मी पर पहुंच गया है। कटरी के कासिमपुर, अलियापुर व जुकइया कटरी अमीनाबाद, चौधरियापुर सहित कई गांवों में पानी घुस आने की आशंका प्रबल है। इधर, एडीएम का कहना है कि अभी बाढ़ जैसे हालात बनते नहीं दिख रहे हैं, लेकिन फिर भी प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी कर रखी है। क्षेत्र में प्रशासन ने कुछ गांवों को चिह्नित किया है जहां बाढ़ का सबसे प्रभाव होने की आशंका रहती है।
क्षेत्र के कटरी गंगपुर, कटरी कासिमपुर, कटरी फिरोजपुर, महावलीपुर, कटरी अमीनाबाद, कटरी डूंगरपुर, जलालपुर अमरा, तेरारागी, चौधरियापुर कछोहा, दरियापुर, गुगरापुर बांगर, वलिदादपुर, कपूरपुर, सढ़ियापुर, मिश्रीपुर, कन्नौज कछोहा, दरियापुर चदई, सलेमपुर रमई को प्रशासन ने हाई फ्लड घोषित कर रखा है। एडीएम संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी कर रखी है।
बाढ़ की किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने नावों की व्यवस्था भी कर ली है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार गोताखोरों के संपर्क में भी बने हुए हैं। कुछ क्षतिग्रस्त मार्गों को भी चिह्नित करने का कार्य भी शुरू किया जा चुका है। इससे उसकी समय रहते मरम्मत कराई जा सके।
उन्होंने ने बताया कि जिलापूर्ति अधिकारी संतोष कुमार सिंह को बाढ़ प्रभावित गांवों की किसी भी प्रकार की समस्या से निपटने के लिए भरपूर मात्रा में खाद्यान्न, डीजल, मिट्टी का तेल, आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। पशु चिकित्साधिकारी को मवेशियों के टीकाकरण व अन्य कि सी भी प्रकार की बीमारी से निपटने के लिए निर्देशित किया गया है। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी डा. पीएन बाजपेई को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निपटने के लिए दवाइयोें को भरपूर मात्रा में उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने को निर्देश दे दिए हैं।