कन्नौज। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) के बाद इत्रनगरी में लोकतंत्र की तस्वीर ही बदल गई है। अंतिम सूची के प्रकाश के बाद जो आंकड़े सामने आए, उसमें मतदाता-जनसंख्या अनुपात (ईपी अनुपात) और जेंडर अनुपात (लिंगानुपात) में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
ईपी अनुपात दस प्रतिशत गिरकर 52.23 फीसदी हो गया है तो जेंडर अनुपात भी 873 के स्थान पर 813 पर पहुंच गया है अर्थात जिले में एक हजार पुरुषों पर 813 महिलाएं हैं। एक जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए जारी आंकड़ों के अनुसार, जिले की तीनों विधानसभा सीटों छिबरामऊ, तिर्वा और कन्नौज सदर से कुल 2.21 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। प्रशासन द्वारा जारी निर्वाचन क्षेत्रवार मतदाता सूचना की रिपोर्ट के अनुसार, एक जनवरी 2025 तक जिले में कुल 12.84 लाख मतदाता थे।
शुद्धिकरण के बाद यह संख्या घटकर 10.67 लाख रह गई है। इस कटौती का सीधा असर जिले के मतदाता-जनसंख्या अनुपात पर पड़ा है। वर्ष 2025 में जहां यह अनुपात 62.83 फीसदी था, वहीं शुद्धिकरण के बाद यह गिरकर 52.23 फीसदी पर आ गया है। पुनरीक्षण के दौरान 2.78 लाख में अपात्र, मृत और स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
एसआईआर के बाद पूरे प्रदेश का ईपी अनुपात जहां 61.03 है तो वहीं इत्रनगरी का ईपी अनुपात 52.23 प्रतिशत रह गया है। निर्वाचन आयोग के मानके अनुसार जिले का ईपी रेशियो 62 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए अर्थात जिले की कुल आबादी में से 62 प्रतिशत लोग मतदाता होने चाहिए।