ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते एसडीओ।
- फोटो : amar ujala
33/11 केवी बहवलपुर बिजलीघर से जुड़े 180 गांवों में चौथे दिन रविवार को भी अंधेरा छाया रहा। नई वीसीबी मशीनों को लगाने का काम होने के चलते अभी तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई है। इस बिजलीघर से जुड़े कई गांवों के ग्रामीणों ने रविवार को धावा बोलकर हंगामा कर दिया।
मौके पर पहुंचे एसडीओ ने ग्रामीणों को समस्या में सुधार का भरोसा दिलाया। हाथिन निवासी उदयभान सिंह, उदयप्रकाश यादव, छुन्ना सिंह, श्यामकिशोर, ग्राम अटिया के प्रभाकांत शाक्य, पलिया के सुखवेंद्र दुबे, सत्यदेव, प्रहलाद, मदारपुर के रामसेवक, विनोद आदि ने रविवार सुबह बहवलपुर सब स्टेशन में धावा बोल दिया। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले दिनों उन लोगों की मांग पर उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया गया।
इसके बाद बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए इस ट्रांसफार्मर से उनके गांवों में बिजली न देकर कसावा, खोजीपुर और विशुनगढ़ को आपूर्ति देने की योजना बनाई है। इससे उनके गांवों में पर्याप्त बिजली नहीं मिल पाएगी। ऐसे में उन लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना था कि काफी समय पहले ही एसडीओ से वार्ता कर 10 एमवीए ट्रांसफार्मर से हाथिन और पलिया को जोड़े जाने की बात तय हुई थी।
इसके बावजूद ऐसा नहीं किया गया। इसके साथ ही सब स्टेशन में उपलब्ध कराई गई नई वीसीबी मशीनें लगाने में भी भेदभाव किया गया। उनके फीडरों की जर्जर हो चुकी वीसीबी मशीनें नहीं बदली गईं, जबकि कसावा, विशुनगढ़ फीडर की मशीनों को बदल दिया गया। इस संबंध में एसडीओ सुधांशु श्रीवास्तव का कहना है कि विशुनगढ़ और कसावा क्षेत्र का अधिक लोड होने के कारण उन गांवों को 10 एमवीए ट्रांसफार्मर से जोड़ा गया है। इसके साथ ही जर्जर हो चुकी हाथिन और पलिया फीडर की वीसीबी मशीनों की मरम्मत कराई जा रही है।