खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सतसार गांव के करीब एक
सैकड़ा लोगों को राशन कार्ड से वंचित करने के विरोध में उत्तेजित ग्रामीणों
व महिलाओं ने तहसील परिसर में धरना देकर राशन कोटेदार के खिलाफ जमकर
नारेबाजी की। बाद में एसडीएम को ज्ञापन देकर जांच कराने की मांग रखी।
सतसार
के मजरा जवाहरपुर्वा व सतसार से दो ट्रैक्टर-ट्रालियों से भरकर करीब एक
सैकड़ा ग्रामीण व महिलाएं दोपहर एक बजे तहसील परिसर में पहुंची। सभी ने
एसडीएम कार्यालय के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया। एसडीएम के मौके पर
मौजूद न होने के कारण करीब एक घंटे तक जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप
था कि राशन कोटेदार ने साठगांठ करके सूची में अपने परिवार के सदस्यों,
रिश्तेदारों व समर्थकों के राशन कार्ड बनवा दिए, जबकि उन सभी के नाम सूची
से गायब कर दिए गए हैं। गांव के मनोज कुमार, प्रमोद, लालमन, सुरेश चंद्र,
राजवती, ऊषा देवी, विनीता, छोटी बिटिया सहित कई महिलाओं के आरोप थे कि राशन
कोटेदार पहले भी उन लोगों को राशन देने में भेदभाव बरतता था।
आरोप
लगाया कि नई सूची में उन सभी के नाम गायब कर दिए गए, जिससे सभी राशन से
वंचित हैं। करीब एक घंटे बाद एसडीएम के आने पर ग्रामीणों ने एक ज्ञापन
उन्हें दिया। ज्ञापन में छूटे लोगों के कार्ड बनवाने के साथ ही कोटेदार के
खिलाफ जांच कराने की भी मांग रखी गई।
उधर, फुलवारी गांव के भी दो दर्जन
ग्रामीण सपा नेता अंशू यादव के नेतृत्व में तहसील पहुंचे। इन सभी का आरोप
था कि फुलवारी का राशन कोटेदार ग्रामीणों को राशन वितरित नहीं कर रहा है।
इसके अलावा गांव के कई पात्र लोगों के नाम नई सूची से गायब कर दिए गए हैं।
उधर, बेहरापुर गैसापुर ग्राम पंचायत के प्रधान अर्जुन सिंह के नेतृत्व में
करीब आधा सैकड़ा ग्रामीणों ने डीएम को पत्र देकर क्षेत्र के राशन कोटेदार
के खिलाफ आरोप लगाते हुए शिकायत की कि जारी नई सूची में रंजिशन कोटेदार ने
उन सभी के नाम छोड़ दिए हैं, जिससे सभी राशन मिलने से वंचित हो गए हैं।