अकबरपुर गांव के लगभग 85 लोगों को पाबंद किए जाने से गुस्साए लोगों ने तहसील पहुंचकर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने गांव के संभ्रांत लोगों के अलावा बुजुर्गों और मृतकों पर भी शांति भंग की कार्रवाई की है।
शनिवार को अकबरपुर गांव के करीब 50 लोग ग्राम प्रधान पति ज्ञान सिंह के साथ तहसील पहुंचे। यहां एसडीएम और सीओ के न मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने बताया कि सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज ने बेवजह गांव के संभ्रांत लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।
इस कार्रवाई में शिक्षक, रोडवेजकर्मी के अलावा अन्य संभ्रांत लोग शामिल हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चौकी इंचार्ज ने ग्राम प्रधान से पाबंद किए गए लोगों से 50-50 रुपये वसूलने का भी फरमान जारी किया है। इस बारे में प्रधान विनीता के पति ज्ञान सिंह यादव ने बताया कि चौकी इंचार्ज ने उन्हें कुछ फार्म दिए थे और कहा था कि पाबंद किए गए लोगों से दस्तखत कराकर उनसे 50-50 रुपये जमा करा लेना।
शिक्षक समेत उसके चार भाई पाबंद
छिबरामऊ। राष्ट्रीय विद्यामंदिर इंटर कालेज के प्रबंधक अजीत पांडेय और उनके शिक्षक भाई आशीष पांडेय के अलावा रोडवेज कन्नौज डिपो में कंडक्टर शैलेंद्र कुमार पांडेय और कंडक्टर आनंद कुमार पांडेय के साथ छिबरामऊ डिपो में चालक पद पर तैनात शिवकुमार सैनी को भी पाबंद किया गया है। इनके अलावा विकलांग आशुतोष अग्निहोत्री के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
एसपी से सम्मानित चिकित्सक पर भी कार्रवाई
अकबरपुर के चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार अग्निहोत्री ने बताया कि पिछले चुनाव में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह ने उन्हें चुनाव व्यवस्था में विशेष सहयोग करने पर प्रशस्तिपत्र दिया था। वर्तमान सिकंदरपुर चौकी इंचार्ज ने उनके ही खिलाफ 107/116 की कार्रवाई कर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई है।
मृतक के खिलाफ कर दी कार्रवाई
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के एक मृतक का भी नाम शामिल है। गांव के गिरंद सिंह पुत्र रामसनेही की करीब चार साल पहले मौत हो गई थी। पुलिस ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की है।