छिबरामऊ(कन्नौज)। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता ने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में सशक्त भागीदारी न होने के कारण वैश्य समाज आर्थिक शोषण व उत्पीड़न का शिकार है। प्रदेश की 403 में से 106 विधानसभा क्षेत्र वैश्य बहुल हैं। इनमें 30 हजार से 60 हजार की आबादी वैश्य समाज की है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में वैश्य समाज के व्यापारियों के बीच उन्होंने कहा कि पांच दिसंबर को मैनपुरी से शुरू होने वाली वैश्य राजनीतिक अधिकार यात्रा के माध्यम से समाज अपनी ताकत का अहसास कराएगा। प्रदेश की वैश्य बहुल विधानसभाओं में भ्रमण के बाद लखनऊ में यात्रा का समापन होगा। यात्रा के माध्यम से वैश्य समाज आबादी के हिसाब से सत्ता में भागीदारी की मांग करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर कृषि कानून वापस लिए जा सकते हैं तो ऑनलाइन व्यवसाय को भी समाप्त किया जाना चाहिए। वैश्य समाज की उपजाति अग्रहरी, दोसर वैश्य, जैसवार, वरनवाल, कमलापुरी वैश्य, अयोध्यावासी वैश्य, केसरवानी वैश्य, ओमर बनिया, माहौर वैश्य आदि को पिछड़ा वर्ग में शामिल किए जाने की मांग की। कहा कि इटावा, मैनपुरी, औरैया, एटा, कासगंज, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात आदि जिलों में वैश्य समाज की उपजातियों को पिछड़े वर्ग के प्रमाण पत्र जारी किए जाएं।
इस मौके पूर्व चेयरमैन विनोद गुप्ता, गल्ला आलू व्यापारी संघ के अध्यक्ष अनुज गुप्ता उर्फ जॉनी, मयंक गुप्ता, वरुण गुप्ता, वैश्य एकता परिषद के जिलाध्यक्ष राजा गुप्ता, रामनिवास गुप्ता, अंशू गुप्ता, सुधीर गुप्ता, करुणाशंकर गुप्ता आदि भी रहे।