तिर्वा। बुखार आने पर नौ माह की गर्भवती को नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। आरोप है कि इलाज के दौरान गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई लेकिन इसके बाद भी समय पर प्रसव नहीं कराया। हालत बिगड़ने पर कानपुर रेफर कर दिया, जहां शनिवार को गर्भवती की मौत हो गई। घटना के बाद परिजन ने नर्सिंग होम संचालक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई। हालांकि, पुलिस को सूचना दिए बिना ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
क्षेत्र के बरुआहार गांव निवासी निर्जला राजपूत (21) नौ माह की गर्भवती थीं। शुक्रवार को बुखार आने पर पति ऋषि ने कस्बे के बरधइया रोड स्थित एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। वहां डॉक्टर ने बुखार का उपचार शुरू किया। इसी दौरान गर्भ में शिशु की मौत हो गई। आरोप है कि शिशु की मौत के बाद भी समय पर उचित उपचार नहीं किया गया और शिशु को बाहर नहीं निकाला। इसके चलते निर्जला की हालत लगातार बिगड़ती गई। शुक्रवार रात हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर कर दिया। परिजन महिला को लेकर कानपुर पहुंचे, जहां शनिवार को उसकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर गांव आए। उन्होंने नर्सिंग होम संचालक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। हालांकि, मामले की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई और न ही शव का पोस्टमार्टम कराया गया। कोतवाल संजय कुमार शुक्ल ने बताया कि मामले में तहरीर मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।