कन्नौज। माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में 79 परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए पांच उड़नदस्ता टीमों का गठन किया गया। उड़नदस्ता टीमो को डीजल तो मिल गया है, लेकिन अभी उनके लिए गाड़ियों की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
यूपी बोर्ड परीक्षा में प्रशासन ने नकल रोकने के लिए डीआईओएस राजेंद्र बाबू व बीएसए के.के. ओझा को सचल दस्ता टीम का प्रभारी बनाया है। दोनों ही अधिकारियों के पास सरकारी गाड़ी है, जबकि पंडित दीनदयाल उपाध्याय माडल इंटर कालेज जसोदा के प्रधानाचार्य शिवमोहन कुशवाहा, डायट के वरिष्ठ प्रवक्ता, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मित्रसेनपुर के प्रधानाचार्य रमाकांत अवस्थी के पास सरकारी गाड़ी नहीं है। इन अधिकारियों के लिए विभाग को गाड़ी का इंतजाम करना पड़ेगा। डीआईओएस राजेंद्र बाबू ने बताया कि प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है। दूसरे विभागों से गाड़ियां परीक्षा के लिए संबद्ध की जाएगी। किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।
एनआईसी में बना कंट्रोल रूम
कन्नौज। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में बोर्ड परीक्षा के लिए बनाए गए कंट्रोल रुम को अभी से प्रभावी बनाना शुरू कर दिया है। ताकि 18 फरवरी से शुरू होने वाली हाईस्कूल-इंटरमीडिएट परीक्षा के दिन किसी तरह की दिक्कत न हो। कंट्रोल रुम से निगरानी की नई तरीके की व्यवस्था पहली बार शुरू की गई है। बनाए गए समस्त परीक्षा केंद्र पर फोर जी इंटरनेट राउटर सहित लगवाए गए हैं। इस व्यवस्था से जिला मुख्यालय पर बैठकर किसी भी परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं को जांचा जा सकेगा। इसके अलावा बोर्ड व मंडल के अधिकारी किसी भी केंद्र को अपने कार्यालय से बैठकर देख सकेंगे। डीआईओएस ने कहा कि सभी तरह की तैयारियां पूरी हो गई हैं।