कन्नौज। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र के नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल का कारावास सुनाया। साथ ही 22-22 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पीड़ित किशोरी के पिता ने कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि 13 मार्च 2019 की सुबह उनकी 15 वर्षीय पुत्री हैंडपंप पर पानी भरने गई थी। तभी गांव के ही नन्हें उर्फ मोहम्मद आलम और अरबाज ने उसे रोककर छेड़छाड़ की। आरोप है कि दोनों ने नल पर हाथ पकड़कर किशोरी को जबरन कमरे में ले जाने का प्रयास किया। किशोरी के शोर मचाने पर गांव के लोग दौड़कर आ गए। यह देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने इस मामले में धारा 354, 506 आईपीसी और 7/8 पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की और चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, पीड़िता, महिला चिकित्सक, विवेचक सहित कुल सात गवाहों को पेश किया गया। साथ ही आठ दस्तावेजी साक्ष्य भी अदालत में प्रस्तुत किए गए। महिला चिकित्सक ने अपनी गवाही में बताया कि पीड़िता ने खुद बताया था कि उसके साथ केवल बाहरी छेड़छाड़ हुई है और उसने आंतरिक परीक्षण कराने से इन्कार कर दिया था। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर कपूरपुर निवासी नन्हें उर्फ मोहम्मद आलम और अरबाज को दोषी माना।