मातृत्व सप्ताह के तहत गांव-गांव हुई गर्भवती महिलाओं
की जांच के बाद हाई रिस्क प्रेगनेंसी महिलाओ को जिला अस्पताल में शुक्रवार
को लाया गया। यहां जिलाधिकारी अनुज झा ने हाई रिस्क प्रेगनेंसी वार्ड का
उद्घाटन किया। इस दौरान 59 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई।
दो हाई रिस्क
गंभीर केस होने पर उन्हें भर्ती किया गया। शुक्रवार को सीएमओ डा. पीएन
वाजपेयी, सीएमएस डा. सीपी सिंह की मौजूदगी में हाई रिस्क प्रेगनेंसी मदर
केंद्र का उद्घाटन डीएम ने काटकर किया। इसके बाद तहसील क्षेत्र की अलग-अलग
ग्राम पंचायतों से आशा, एएनएम व आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा हाई रिस्क
प्रेगनेंसी मदर को जिला अस्पताल स्थित वार्ड में लाया गया।
यहां डीएम और
अन्य अफसरों की देखरेख में 59 महिलाओं की जांचें शुरू की गईं। इसमें
अल्ट्रासाउंड, ब्लड जांच, ब्लड प्रेशर जांच, शुगर जांच सहित कई अन्य जांचें
मुफ्त में की गईं। डा. निधि गोयल, डा. ज्योत्सना शुक्ला, होम्योपैथिक की
महिला डा. विद्या कुमारी ने आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं की जांच की। वहीं
अल्ट्रासाउंड का कार्य डा. अभिषेक कटियार ने किया।
दो महिलाओं की हालत
खराब पाई गई, इसलिए उन्हें तत्काल वार्ड में ही भर्ती कर उपचार देना शुरू
किया गया। अन्य गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य विभाग ने आयरन, कैल्शियम की
गोलियां व अन्य बीमारी संबंधी दवाइयां देकर घर भेजा। उन्हें नसीहत दी कि
हरे पत्तेदार सब्जियों का उपयोग करें। खाने में दाल, अंडा, मछली, दूध, दही
का सेवन करें।
सुबह उठकर जल्दी नाश्ता करें। दोपहर और शाम का खाना भी सारी
विटामिन युक्त तत्वों के साथ समय से करें। आशा बहू को निर्देश दिए गए कि
उक्त महिलाओं की जांच समय-समय पर कराती रहें, जिससे उनके बारे में
स्वास्थ्य विभाग को बेहतर तरीके से जानकारी रहे। प्रसव के दौरान किसी भी
तरह की दिक्कतें महिला को न होने पाएं। एनीमिया ग्रसित महिलाओं में खून की
कमी भी दूर कराई जाएं।