छिबरामऊ। बदलते मौसम के कारण संक्रामक बीमारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कसावा गांव में डेंगू के लक्षण वाले बुखार की चपेट में 200 लोग हैं, जबकि आठ दिनों में दो की मौत हो चुकी है। चार मरीज अकेले भाजपा जिला उपाध्यक्ष के घर में बुखार से पीड़ित हैं।
डेढ़ महीने से डेंगू के लक्षणों वाला बुखार कम होने का नाम नहीं ले रहा है। गांव के झोलाछाप के यहां इलाज के लिए मरीजों की लाइनें लगी है। पिछले आठ दिन पहले बुखार से पीड़ित राजकिशोर उर्फ चुन्नू बाथम की पत्नी की मौत हो गई थी। दो दिन पहले चंद्रशेखर शंखवार की पत्नी ने भी बुखार से दम तोड़ दिया था।
प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. राहुल मिश्रा ने बताया कि गांव में डेंगू के दो मरीज मिलने के बाद महकमा छह स्वास्थ्य शिविर व कई बार एंटी लार्वा का छिड़काव करा चुका है। कसावा में संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं भाजपा जिला उपाध्यक्ष मुनीश मिश्रा का कहना है कि पांच हजार की आबादी वाले कसावा गांव के लगभग हर घर में एक दो लोग बुखार से पीड़ित हैं। उनके ही परिवार के चार लोग बुखार से ग्रसित है। गांव के अधिकांश लोग बुखार, शरीर दर्द और प्लेटलेट्स कम होने की समस्या से ग्रसित है।