पुलिस ने पुजारी हत्याकांड में दो आरोपियों को
गिरफ्तार कर दो तमंचा और चार-चार कारतूस बरामद किए हैं। फरार तीसरे आरोपी
की तलाश में दबिश दी जा रही है। मृतक के भाई ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट
दर्ज कराई थी।
कोतवाली पुलिस ने गुरुवार को पुजारी हत्याकांड का
खुलासा किया। कोतवाल खलीक अहमद ने बताया मंदिर पर कब्जे के विवाद को लेकर
दोनों पक्षों के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था।
भूरा उर्फ
ब्रजमोहन शाक्य ने अपने साथियों राजकिशोर उर्फ किशोर पुत्र रामस्वरूप
निवासी खेड़ा और मदन के साथ मिलकर पुजारी रघुवीर की गोली मारकर हत्या कर दी
थी। पुलिस इनकी तलाश में जुटी थी। इस मामले में एसपी ने स्वाट टीम प्रभारी
दिनेश यादव को भी लगाया था।
कोतवाली पुलिस और स्वाट टीम के
संयुक्त प्रयास से नंदपुर गांव के आगे चेक पोस्ट के पास सुबह करीब चार बजे
पुजारी हत्याकांड में शामिल भूरा और उसका साथी राजकिशोर को पुलिस ने
गिरफ्तार कर लिया। जामा तलाशी में इनके पास से दो तमंचा और चार-चार कारतूस
बरामद किए हैं।
कोतवाल ने बताया हत्याकांड में शामिल तीसरे आरोपी
की गिरफ्तारी के प्रयास में पुलिस टीम जुटी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर
लिया जाएगा। मालूम हो कि नगर के मोहल्ला सराफान निवासी रघुवीर पांडेय (60)
पुत्र रामदुलारे ग्राम सलेमपुर में स्थित दुर्गा मंदिर की ढाई वर्ष से
देखभाल और पूजापाठ कर रहा था।
यह मंदिर उसके बहनोई सलेमपुर गांव के
शिवमोहन मिश्रा ने बनवाया था। चार मई को मंदिर में कब्जा करने को लेकर
गांव के ही भूरा उर्फ ब्रजमोहन शाक्य से उसका विवाद हुुआ था। इसके बाद सात
मई की रात पुजारी मंदिर की हत्या कर दी थी। गोली की आवाज सुनकर उसकी मां
सावित्री देवी ने शोर मचाया तो हत्याभियुक्त भाग निकले थे।
पुजारी
रघुवीर प्रसाद पांडेय (50) की हत्या के मामले में पुलिस अधीक्षक कलानिधि
नैथानी का कहना है कि अभियुक्तों ने जुर्म कबूल कर लिया है। एसपी ने स्वाट
टीम प्रभारी दिनेश कुमार यादव व छिबरामऊ कोतवाली पुलिस को मामले का खुलासा
करने पर पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।