कन्नौज। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से जिले में 28700 डुप्लीकेट मतदाता मिलने के बाद निर्वाचन आयोग के आदेश पर भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। अब तक हुए सत्यापन में पता चला है कि मतदाता सूची में काफी गड़बड़ियां हैं। जिले में 2500 लोग स्वर्ग से मतदान कर रहे थे। इनका बीएलओ ने सूची से नाम भी नहीं हटाया था। अब इनके नाम विलोपित किए जा रहे हैं और फार्म भरवाकर एक परिवार के मत एक ही जगह बनाए जा रहे हैं।
मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर राजनीतिक दल निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहे थे। इसको लेकर चुनाव आयोग ने एआई के माध्यम से मतदाता सूचियों का मिलान कराया तो जिले में 28700 वोट ऐसे मिले, जो दो-दो मतदाता थे। उदाहरण के तौर पर कोई व्यक्ति या परिवार गांव का रहने वाला है और वर्तमान में वह शहर में भी रह रहा है, तो उसके वोट दोनों जगह की मतदाता सूची में दर्ज हैं। एआई ने जब ऐसे वोट पकड़े तो जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने इन सभी वोटरों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए।
जिले में 1842 बूथों पर 11,24,763 मतदाता हैं, जिनके सत्यापन के लिए 847 बीएलओ को लगाया गया है और संबंधित ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी को नोडल बनाया गया, जो प्रतिदिन सत्यापन की समीक्षा करेंगे। भौतिक सत्यापन के लिए जब बीएलओ धरातल पर पहुंचे तो नया खुलासा हुआ। कई बीएलओ ने बताया कि सूची में कई वोटर पांच साल से अधिक समय से मृत हैं, लेकिन मतदाता सूची में वह आज भी जिंदा हैं। अभी तक 2500 मृत वोटर मिल चुके हैं, जिनके नाम सूची से विलोपित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं के नए वोट भी बनाए जा रहे हैं, तो किसी का नाम गलत है तो उसमें भी संशोधन किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार मतदाता सूची में राशनकार्ड की तरह एक परिवार के वोट एक ही जगह पर होंगे। इससे मतदाता पर्ची बनाने में दिक्कत नहीं होगी, तो लोगों को मतदाता सूची में अपने परिवार का नाम खोजने में भी कोई परेशानी नहीं होगी।
आधार से लिंक कराने के लिए नहीं कोई आदेश
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बिनीत कटियार ने बताया कि 29 सितंबर तक मतदाता सूचियों के भौतिक सत्यापन का काम चलेगा। इसके बाद पूरी रिपोर्ट बनाकर चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। सूची में पहले कितने मृत वोटर हैं, इस बारे में पूरी जानकारी सत्यापन के बाद ही मिल सकेगी। इस बार बीएलओ घर-घर जाकर फार्म भरवाते हैं और उसके बाद वहीं से एप के माध्यम से ऑनलाइन कर देते हैं। यदि कोई मतदाता अपना वोट स्वयं बनाना चाहता तो वह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फार्म भर सकता है, जिसका बीएलओ के माध्यम से सत्यापन कराने के बाद नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा। अभी आधार से लिंक कराने के लिए चुनाव आयोग से कोई आदेश नहीं मिला है।