फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भइया दूज पर रहा मुसीबतों का सफर

Fri, 13 Nov 2015 11:49 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
विज्ञापन
विज्ञापन
दूज पर भाई के घर पहुंचने में शुक्रवार को बहनों को खासी मुसीबतें उठानी पड़ीं। वाहन खचाखच भरे चले। यात्रियों ने लटककर यात्रा की। बहनों ने वाहन के आगे की सीट पर बैठकर, लोडर, ट्रक पर खड़े होकर सफर तय किया। उधर, बहनों ने अपने भाई के लिए मिठाई भी खूब खरीदी।
विज्ञापन


सुबह से ही बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, बाजार व चौराहों में भीड़ लगने लगी। पूर्वाह्न 10 बजे के बाद भीड़ चरमसीमा पर हो गई। शहर के तिर्वा क्रासिंग पर तिर्वा जाने को टेंपो व मैजिक वाहनों में बैठने को लेकर होड़ रही। एक वाहन पर एक साथ 20-30 सवारियां बैठने को दौड़ पड़तीं। रोडवेज बस स्टाप पर भी सवारियों का जमघट लगा रहा।

स्टैंडिंग होने से कई बसें हाथ देने के बाद नहीं रुकीं। कुछ रुकीं तो उनमें महिलाओं व उनके बच्चों ने खड़े होकर यात्रा की। इसी तरह ट्रेनों में भी सीट पर बैठने को लेकर मारामारी रही। यहां टिकट खिड़की पर लंबी लाइनें लगी रहीं। कुछ जानकारों ने निजी खिड़की पर ही टिकट लेना आरामदायक समझा।
विज्ञापन


रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म पर सभी सीटें यात्रियों से फुल थीं। सैकड़ों लोग अपनी ट्रेन के इंतजार में खडे़ थे। वहीं निजी वाहनों से भी लोगों ने मायके और ससुराल जाना उचित समझा। ज्यादा भीड़ व वाहन कम चलने से दिन में कई बार चौराहों, संपर्क मार्गों व बस स्टेशन के आसपास जाम लगा। सबसे ज्यादा दिक्कत बीच के यात्रियों को हुई।

भीड़ से वाहन हाथ देने के बाद भी नहीं रुके। वह काफी देर तक गंतव्य तक जाने को खाली वाहन का इंतजार करते रहे। त्योहार की सहालग में डग्गेमारों की चांदी रही। लोडर पर आगे की सीट पर महिलाएं मजबूरी में बैठीं। जब जगह नहीं मिली तो पीछे खड़ी हो गईं। यही हाल ट्रकों का भी रहा। कुछ मार्गों पर ज्यादा किराया भी वसूला गया।

इसको लेकर चालक, परिचालक और यात्रियों में नोकझोंक भी हुई। महिला यात्रियों ने समय व त्योहार को देखते हुए परिचालक के मुताबिक किराया देना ही उचित समझा। वहीं भाई-बहने के अटूट प्रेम के बंधन को निभाने के लिए बहनों ने विधि-विधान से भाई के तिलक किया।

उधर, भैयादूज पर शहर के सरायमीरा, लाखन तिराहा, रेलवे स्टेशन, तिर्वा मार्ग व मकरंदनगर आदि स्थानों पर मिठाई की दुकानें सज गईं थीं। टेंट लगाकर कई जगह दुकानें सजाई गईं। दुकानदारों ने पंडाल व काउंटर लगाकर दुकानों पर रंग-बिरंगी मिठाई लगाईं।

इमरती, लड्डू, बरफी महिलाओं की पसंद बनीं तो ग्रामीण इलाकों में मिक्स मिठाई खूब बिक्री की गई। कई लोगों ने छेना व गुलाब जामुन भी खरीदे। फुटपाथ पर लगीं मिठाईयों के रेट 200-250 रुपये किलो रहे। स्थाई दुकानों मिठाइयां अधिक रेट की भी मिलीं। दिवाली पर बिक्री कम होने से पहले की भी मिठाइयां रखी थीं।

शुक्रवार को भैयादूज पर अधिकतर दुकानों पर रखा मिठाई का स्टाक खत्म हो गया। वहीं किशोरियों ने अपने माता-पिता से कहकर भाई व अभिभावकों के लिए मिष्ठान मंगाए।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें