धोखेबाजी कर युवक को किन्नर बनाने के मामले में पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर गांव के सात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, चिकित्सकों ने पीड़ित के खून का नमूना लेकर डीएनए टेस्ट के लिए लखनऊ भेज दिया है।
विशुनगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम हृदयरामपुर निवासी सूरज नागर पुत्र गुलजारी नट ने गांव के ही शशिकांत, राहुल, राघव व चार अज्ञात लोगों के खिलाफ बहला फुसलाकर भगा ले जाने तथा लिंग परिवर्तन व कुकर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने यह मामला पास्को एक्ट व दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत भी दर्ज किया है। सूरज के मुताबिक तीन साल पहले नौकरी दिलाने का लालच देकर ये लोग उसके पुत्र रामू को दिल्ली ले गए और वहां ले जाकर एक प्राइवेट अस्पताल में उसका लिंग परिवर्तन करा दिया। दो फरवरी को जब उनका पुत्र चंगुल से छूट कर आया तो उसने घटना की जानकारी दी।
सूरज के मुताबिक इन लोगों ने उसके साथ कुकर्म भी किया और शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने सूरज नागर की तहरीर पर धारा 147, 363, 377, 326, 323, 504, 506 के अलावा पास्को एक्ट व धारा तीन मानव अंग प्रत्यारोपण तथा दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
गुरुवार को पीड़ित रामू के रक्त का नमूना लेकर डीएनए टेस्ट के लिए चिकित्सकों ने लखनऊ भेज दिया। चिकित्सकों के मुताबिक डीएनए टेस्ट से यह पता लगाया जाएगा कि वह किस श्रेणी के अंतर्गत आता है। थानाध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।