बागवानी विकास मिशन के तहत आयोजित जिला स्तरीय किसान
मेला का गुरुवार को समापन हुआ। इस दौरान सीएसए से आए वैज्ञानिकों का जिला
उद्यान अधिकारी मुन्ना यादव ने स्वागत किया। बाद में वैज्ञानिकों ने
किसानों को फसल उत्पादन बढ़ाने के तरीके बताए।
डीएम अनुज झा ने जिले में
आलू आधारित उद्योग, मधुपालन तथा मेंथा, पामारोजा की खेती करने पर कृषकों
को प्रोत्साहित किया। सीएसए के कृषि वैज्ञानिक डा. पीएन कटियार ने संरक्षित
खेती के लाभ बताते हुए ग्रीन हाउस में गुलाब, जरबेरा, बेमौसमी शाकभाजी,
खीरा व टमाटर के ग्रीन हाउस में उत्पादन करने की विधियों पर किसानों के साथ
चर्चा की।
डा. भूपेंद्र सिंह ने सब्जियों एवं आलू फसल में लगने वाली कीट
एवं रोगों के प्रबंधन के उपाय बताने के साथ इन फसलों में एकीकृत नाशी जीव
प्रबंधन की जानकारी दी। डा. अमर सिंह ने आम, अमरूद की उन्नतिशील
प्रजातियों के रोपण पौधों में पोषण हेतु जरूरी उर्वरक प्रयोग तथा फसल
तुड़ाई उपरांत प्रबंधन पर बताया।
सरस एवं सुगंध केंद्र से आए डा.
श्रीवास्तव ने औषधीय एवं सुगंध फसलों की उन्नति उत्पादन तकनीक की जानकारी
दी। केवीके कानपुर देहात से आए डा. अरविंद कुमार ने कार्यक्रम का संचालन
करने के साथ औद्यानिक फसलों में मृदा का स्वास्थ्य बनाए रखने से कृषकों को
अवगत कराया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद थे।