अधिवक्ताओं को समर्थन पत्र सौंपते विहिप के पदाधिकारी।
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प्रस्तावित हसेरन तहसील में सौरिख के कुछ गांवों को जोड़ने के विरोध में वकीलों की हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। समर्थन आए व्यापारियों ने शुक्रवार को सौरिख बाजार बंद रखने का फैसला लिया है। धरनास्थल पर पहुंचे कई संगठनों के पदाधिकारियों ने वकीलों को समर्थन पत्र सौंपा। नवसृजित हसेरन तहसील से छिबरामऊ तहसील के 96 गांव काटकर उससे जोड़े जाने के प्रस्ताव से अधिवक्ताओं में रोष है।
इसके विरोध में बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं की 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल चल रही है। अधिवक्ताओं के इस आंदोलन को क्षेत्र के कई संगठनों, जनप्रतिनिधियों व राजनीतिक पार्टियों से जुड़े पदाधिकारियों ने भी उनकी मांग को जायज ठहराते हुए समर्थन पत्र दे रखा है। गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद के विनीत त्रिपाठी के नेतृत्व में विहिप के रंजीत पांडेय, आदित्य कुमार, अनुपम कुमार, अभिषेक आदि ने धरनास्थल पर पहुंचकर अधिवक्ताओं को समर्थन पत्र सौंपा।
दोपहर बाद सौरिख व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरीश कुमार मिश्रा के नेतृत्व में महामंत्री राघव दुबे, उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार चतुर्वेदी, उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार वर्मा उर्फ पिंकू, आशू चतुर्वेदी धरनास्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं की इस मांग को जायज ठहराते हुए उन्हें समर्थन पत्र दिया।
इसके साथ ही छिबरामऊ तहसील से दर्जनों गांव काटकर नवसृजित हसेरन तहसील से जोड़े जाने के प्रस्ताव के विरोध में शुक्रवार को सौरिख में बाजार बंदी का भी एलान किया। इसके अलावा अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा शिविर कार्यालय सौरिख के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरीशचंद्र वर्मा व सराफा एसोसिएशन सौरिख के अध्यक्ष विशुनचंद्र वर्मा ने अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ अधिवक्ताओं को समर्थन पत्र सौंपा।