जिले में टोटल फारेस्ट कवर योजना को साकार करने के
लिए तमाम दिक्कतों के बावजूद वन विभाग जुट गया है। इस योजना के तहत जिले
में दो लाख 71 हजार 500 पौधे लगने हैं। मैनपावर की कमी से यह योजना रफ्तार
नहीं पकड़ पा रही है।
प्रदेश सरकार बजट देने में तो दरियादिली दिखा
रही, पर स्टाफ की तैनाती की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। टोटल फारेस्ट
कवर योजना के तहत वन विभाग ने उन खाली क्षेत्रों को चिह्नित किया है, जहां
पर अभी तक पौधरोपण नहीं कराया जा सका है।
इस योजना में जिले के आठ विकास
खंडों की 441 ग्राम सभाओं के क्षेत्र में आने वाली ऊसर और नहर किनारे की
भूमि को चिह्नित किया है । अब तक 111 हेक्टेयर भूमि ऊसर और 45 हेक्टेयर
भूमि नहरों के किनारे चिह्नित की जा चुकी है। ऊसर भूमि में इसमें ग्राम सभा
कुढ़िना में 10 हेक्टेयर, अगौस में 11, सरसई में 20, खड़नी में 20,
हजरतपुर में 20, रोहली में 10 हेक्टेयर, तालग्राम में 10 और तेरारब्बू में
10 हेक्टेयर भूमि का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
इसमें ऊसर जमीन पर
बिलायती बबूल के पेड़ लगेंगे, जबकि नहर व रजबहों किनारे शीशम, अर्जुन व
कंजी के पौधे रोपित किए जाएंगे। वन क्षेत्राधिकारी आरके सिंह ने बताया कि
उसरीली जमीन के एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 2,000 और नहर किनारे एक हेक्टेयर
क्षेत्रफल में 1100 पेड़ योजना के तहत लगाए जाएंगे।
कहा कि मुख्यमंत्री की
प्राथमिकता वाली इस योजना को गंभीरता से लिया गया है। एक करोड़ से अधिक की
धनराशि मिल चुकी है। इससे फिलहाल गड्ढे खुदवाने का कार्य कराया जा रहा है।
कहा कि जुलाई में बारिश व नम मौसम होने पर पौधरोपण कराया जाएगा। उन्होंने
स्वीकारा कि स्टाफ की कमी से काम में तेजी आने में दिक्कतें आ रही हैं।
इसके बावजूद मुहैया स्टाफ एवं संसाधनों से लक्ष्य पूर्ति का प्रयास किया जा
रहा है।