जानकारी देते टर्की से आए शेख नासी तोरबा।
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आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता। कुछ यूरोपियन आतंकवाद को पैदा कर लोगों को आपस में लड़ा कर रहे हैं। सही मायने में यूरोप और अमेरिका आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। यह विचार इस्तांबुल (टर्की) से आए हकीकत किताबेबी एशिया के उप प्रमुख शेख नासी तोरबा ने व्यक्त किए। वह सोमवार की दोपहर पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाना रफी के आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे। शेख नासी जहां वह आतंकवाद पर जमकर बोले वहीं तीन तलाक के मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध गए।
भारत की इकोनॉमी ताकत को मजबूत बताते हुए कहा कि भारत विकसित देश है। यहां की इकोनॉमी (अर्थव्यवस्था) हमेशा आगे रही है। भारत की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यहां की डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) से वह बहुत खुश हैं। यहां सभी धर्मों को काफी आजादी है।
उन्होंने कहा कि यूरोप की इकोनॉमी काफी डाउन है। टर्की भारत के रिश्तों पर कहा कि 20 वर्षों में इंडिया-टर्की के रिश्ते काफी अच्छे होंगे। आतंकवाद को लेकर कुछ गलतफहमियां बढ़ी हैं, जबकि कुछ यूरोपीय देश आतंकवाद को बढ़ावा देकर लोगों को एक-दूसरे से लड़ा रहे हैं।
इस्लामियत शांति का धर्म है। टर्की हमेशा आतंकवाद के खिलाफ रहा है और उसका डटकर विरोध कर रहा है। यही कारण है कि टर्की में पांच मिलियन शरणार्थियों ने पनाह ले रखी है।
शेख नासी तोरबा टर्की भाषा में बोल रहे थे। उनकी बातचीत का अनुवाद दिल्ली से उनके साथ आए फरहान नवी सिद्दीकी कर रहे थे। इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष सुभाना रफी, इशहाक जमील आशू, रसूले आजम कांफ्रेंस के आयोजक व दारूल उलूम गौसिया के प्रबंधक मौलाना मोहम्मद मुस्तकीम कादरी, मो.जाहिद चिश्ती, मोनू आदि मौजूद थे।