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आज से स्कूल न जाने का शिक्षामित्रों का ऐलान

Wed, 06 Sep 2017 11:31 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कन्नौज
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बैठक करते शिक्षामित्र - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ब्लाक संसाधन केंद्र पर संयुक्त समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र संघर्ष समिति ने बुधवार को बैठक कर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया। शिक्षामित्रों ने गुरुवार से स्कूल न जाने का ऐलान किया है। उन्होंने मांग की है कि समान कार्य, समान वेतन अध्यादेश लाकर सहायक अध्यापक बनाए रखा जाए।
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सुप्रीमकोर्ट से समायोजन रद्द होने के बाद शिक्षामित्रों को राहत देते हुए प्रदेश की योगी सरकार ने अपनी नीति स्पष्ट कर दी है। सरकार ने इन्हें 10 हजार रुपये मानदेय दिए जाने की घोषणा की है। बुधवार को बीआरसी पर बैठक करके शिक्षामित्रों ने रणनीति बनाई। शिक्षामित्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने विश्वासघात किया है। उनको केंद्र सरकार से वार्ता करके बीच का रास्ता निकालने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन 10 हजार रुपये मानदेय दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया। समायोजित शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष मानवेंद्र सिंह ने कहा कि जिले में 1525 शिक्षामित्रों को समायोजित कर सहायक अध्यापक बनाया गया था। कहा कि सरकार से जब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक वह शिक्षण कार्य करने के लिए नहीं जाएंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सौरभ यादव, अखिलेश पाठक, अजीज दीक्षित, अनूप कटियार, महेंद्र यादव, रिजवान काजी, रजनी सिंह, यूसुफ वारसी, विनय मिश्रा, अनिल शाक्य, परवेज, अनीता तिवारी, रामबरन, पूनम शर्मा, पूनम बाथम सहित अन्य शिक्षा मित्र मौजूद रहे।
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विभाग किसी कीमत पर नहीं बंद होने देगा स्कूल जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अखंड प्रताप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों के आंदोलन को देखते हुए विभाग ने तैयारी कर ली है। जो विद्यालय शिक्षामित्र संचालित कर रहे हैं उन्हें चिह्नित कर लिया गया है। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के टीचरों को वहां संबद्ध किया जा सकता हैै। स्कूल न जाने की स्थिति में शिक्षामित्रों पर कार्रवाई के बाबत कहा कि शासन से अभी कोई आदेश नहीं मिला है। निर्देश मिलते ही स्कूल न जाने वाले शिक्षामित्रों पर कार्रवाई होगी।
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