आज महाशिवरात्रि है और शहर से लेकर ग्रामीण इलाकाें तक में शिवालय सज गए हैं। शहर के सिद्धपीठ मंदिर बाबा गौरीशंकर में आज भक्तों का जनसैलाब उमड़ेगा। उसके लिए मंदिर प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। वहीं, शहर के कटरी क्षेत्र के गांव चौधरियापुर में स्थित बाबा विश्वनाथ में अखंड पाठ शुरू हो गया है।
महंत हनुमान दास बताते हैं कि तैयारियों में कोई कमी नहीं है। भक्त आज आकर पूजा-दर्शन कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। वैदिक आचार्य पंडित पवन शुक्ला बताते हैं कि महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी को होता है। वेदानुसार शिवरात्रि का व्रत भोग और मोक्ष को प्राप्त कराने वाले दस प्रमुख व्रतों में शैव व्रत भी हैं, उनमें सर्वोपरि है।
फाल्गुन मास की शिवरात्रि को भगवान शिव सर्वप्रथम शिवलिंग के रूप में अवतरित हुए थे, इसलिए इसे महाशिवरात्रि कहा जाता है। यह दिन काल सर्प दोष निवारण के लिए उत्तम है। उन्होंने बताया कि आज शिवपूजन के समय अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखेंगे तो सारे कष्ट दूर होंगे।
आचार्य ने बताया कि प्रत्येक पहर के अंत में शिव पूजन और आरती करनी चाहिए। यदि चारों पहर की पूजा न हो सके तो जरूरत के अनुसार प्रात: 6 बजे से 10.25 बजे तक के बीच में चर, लाभ, अमृत के चौघड़िया मुहूर्त में पूजा करना अति श्रेष्ठ रहेगा।