तिर्वा। तहसील क्षेत्र के अलीपुर आहना गांव में पट्टा आवंटन के मामले में प्रशासन ने सख्त रुक अपनाते हुए तीन पट्टे निरस्त करते हुए 15 बीघा जमीन को ग्राम पंचायत के नाम दर्ज करने के आदेश गुरुवार को जारी किए हैं। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और अन्य पट्टाधारकों की चिंता बढ़ गई है।
गांव में बिना विधिवत पत्रावली में दर्ज किए गए लगभग 58 पट्टाधारकों की जांच की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में ही कई अनियमितताओं के संकेत मिले थे, जिसके बाद मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाया गया। इसी क्रम में यह मामला एडीएम कोर्ट में विचाराधीन रहा, जहां विस्तृत सुनवाई के बाद गुरुवार को तीन पट्टों को अवैध घोषित करते हुए निरस्त करने का आदेश दिया गया।
तहसीलदार अवनीश सिंह ने बताया कि जिन तीन पट्टाधारकों के नाम आवंटन निरस्त किए गए हैं, उनकी जमीन पर किया गया बैनामा भी अमान्य हो गया है। अब उक्त भूमि को सरकारी अभिलेखों में दर्ज करते हुए ग्राम पंचायत की संपत्ति के रूप में सुरक्षित किया जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि अभी करीब 50 से अधिक पट्टाधारकों के मामलों की जांच जारी है। यदि जांच में अन्य पट्टे भी अवैध पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।