नगर से जुड़े ग्राम धमे के ताल में आग लगने से तीन परिवार बेघर हो गए। गुरुवार दोपहर बाद अचानक आग लगने से तीन झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। तीनों की गृहस्थी का सामान और नकदी में कुछ नहीं बचा। एक युवती की शादी के लिए रखा दहेज का सामान भी जलकर राख हो गया।
धमे के ताल निवासी अच्छन की झोपड़ी में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। छप्पर से उठती लपटें देखकर गांव के लोग बुझाने में जुट गए, लेकिन पानी की व्यवस्था नहीं होने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
जब तक आग पर काबू पाया जाता, लपटों ने अच्छन के भाई शमीम उर्फ मोटे, अनसार की भी झोपड़ी को चपेट में ले लिया। सूचना पर कोतवाली पुलिस, एक्शन मोबाइल मौके पर पहुंची, लेकिन नगर में फायर ब्रिगेड नहीं होने से गांव के ही लोग किसी तरह आग बुझाने में जुटे रहे।
करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। तब तक तीनों घरों की गृहस्थी राख हो चुकी थी। अब तीनों परिवारों के पास न तो कुछ पहनने को बचा है और न रात में ओढ़ने-बिछाने को। इस कड़कड़ाती ठंड में तीनों परिवार खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हो गए हैं।