अबकी भी कोल्ड स्टोरेज मालिकों को काफी बड़ा झटका
लगने के आसार नजर आने लगे हैं। किसानों द्वारा कोल्ड में रखा गया आलू न
उठाने से अब वह सड़ने की कगार पर पहुंच गया है। नगर के करीब आधा दर्जन
कोल्ड स्टोरेजों में लाखों रुपये कीमत का आलू स्टाक रखा हुआ है।
वहीं नए
आलू के दस्तक देते ही किसानों ने भी कोल्ड मालिकों को दगा दे दिया है। कोल्ड
से आलू के पैकेट किसानों द्वारा न उठाने से ठंडे मौसम में ही कोल्ड
मालिकों के पसीने छूट रहे हैं। नगर में करीब आधा दर्जन कोल्ड स्टोरेज हैं।
जिसमें कई माह पहले ही किसानों ने अपने आलू के पैकेटों का स्टाक कोल्ड
स्टोरेज में लगवा दिया था।
कई माह बीतने के बाद भी अब उन्हें किसानों
द्वारा कोल्ड में लगे आलू के स्टाक को न उठवाने के कारण अब आलू सड़ने की
कगार पर पहुंच गया है। जनता कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर सर्वेश गुप्ता का कहना
है कि कोल्ड में दो हजार आलू के पैकेटों का स्टाक लगा हुआ है। जिसकी कीमत
लगभग दो लाख रुपये है।
किसानों द्वारा आलू के पैकेट न उठाने से अब वह सड़ने
की कगार पर पहुंच रहा है। बताया कि अगर कुछ दिनों तक यह आलू न उठाया गया
तो यह फेंकने की नौबत तक पहुंच जाएगा। ऐसे में कोल्ड का किराया तक निकलना
काफी मुश्किल भरा साबित होगा।
हाईवे किनारे स्थित एमडी कोल्ड स्टोरेज और
किसान कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर वीरेंद्र पाल ने बताया कि दोनों कोल्ड में
लगभग 35 हजार पैकेट का स्टाक लगा हुआ है। जिसकी कीमत 35 लाख रुपये हैं।
बताया कि शहर में नए कच्चे आलू की आवत से पुरानी आलू की तरफ लोगों का रुझान
कम हो गया।
नए आलू की बिक्री बढ़ने से अब किसान कोल्ड रखा पुराना आलू
निकालने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। उनका कहना है कि किसान पहले ही कोल्ड
में रखा अच्छा-अच्छा आलू के पैकेट निकल चुके हैं। अब सिर्फ कोल्ड में
चित्ता और बीजा आलू का ही स्टाक लगा हुआ है, जिसे किसान नहीं उठा रहे हैं।
जिससे अब कोल्ड मालिकों को काफी बड़ा झटका लगने से इंकार नहीं किया जा सकता
है।