प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेक इन इंडिया का सपना
सीएम अखिलेश यादव की कर्मभूमि पर साकार हो रहा है। यहां एक प्राइमरी स्कूल
में अंग्रेजी स्कूलों की तरह स्मार्ट क्लास लगती है और बच्चे भी स्मार्ट
बनकर पढ़ते हैं। खाली समय में यहां के बच्चे अन्य परिषदीय स्कूलों की तरह
धूल के गुबार में नहीं खेलते बल्कि स्कूल में बनी लाइब्रेरी में पढ़ते हैं।
यही
नहीं अंग्रेजी स्कूल की तरह यहां सुबह प्रार्थना होती है और बच्चे आपस में
अंग्रेजी में बात भी करते हैं। गांव कुंअरपुर बनवारी का प्राथमिक विद्यालय
किसी कान्वेंट स्कूल से कम नहीं है। यहां बच्चे मिड-डे मील खाने नहीं
बल्कि पढ़ने आते हैं। 265 बच्चे पंजीकृत हैं और रोज 200 के ऊपर संख्या रहती
है।
बच्चे भी कान्वेंट स्कूल की तरह टाई और कोट पहनकर आते हैं। आते ही
बच्चे आपस में गुड मार्निंग बोलते हैं और फिर प्रार्थना को एकत्रित होते
हैं। प्रार्थना माइक से कराई जाती है। इसके बाद कक्षाओं में कान्वेंट स्कूल
की तरह ही क्लास लगती है। स्कूल में इंवर्टर लगा है लाइट जाते ही इंवर्टर
चालू हो जाता है।
इसके बाद इंटरवल में बच्चे मिड डे मील का भोजन खाने के
बाद स्कूल में हो-हल्ला नहीं मचाते, बल्कि लाइब्रेरी में जाकर किताब लेते
हैं और उसे पढ़ते हैं। किताबों में कुछ मनोरंजन की भी किताब हैं, जो
मनोरंजन की तो हैं, मगर उसके साथ ही शिक्षाप्रद भी हैं। यही नहीं स्कूल में
हर महीने अभिभावकों की मीटिंग भी बुलाई जाती हैं और उन्हें उनके बच्चे का
मासिक रिपोर्ट कार्ड भी दिया जाता है।
स्कूल में वार्षिकोत्सव का भी आयोजन
धूमधाम से किया जाता है, जिसमें बच्चे बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं और अपनी
प्रतिभा दिखाते हैं। स्कूल देख कर नहीं लगता कि सरकारी स्कूल है, सारी
गतिविधि कान्वेंट स्कूल की तरह हैं। बच्चे भी रोज स्कूल टाइम से आते हैं और
आज गांव के लोग खुश है कि उनके गांव में बदलाव की बयार दिख रही है।