खुले में शौच जाने से 80 फीसदी बीमारी होती है।
मनुष्य अपनी शोच को बदलें। घर की महिलाएं लक्ष्मी होती हैं। इनकी इज्जत
रखनी है तो घर में शौचालय बनवाना होगा। ये बातें कई ग्राम पंचायतों में हुई
जागरूकता बैठकों में बताई गईं।
पुखरांया, जरामऊ अलमापुर, विलंदपुर,
किशनपुर, सिंघनापुर के प्रधान व सचिव ने बैठक कर खुले में शौच के लिए न
जाने को प्रेरित किया। बीडीओ पंकज यादव ने बताया कि पुरानी मानसिकता बदलें।
कई पढ़े-लिखे लोगों के घर में शौचालय होने के बावजूद वे खुले में शौच करने
को जाते हैं।
उन्हें जानना चाहिए की शौचालय की सूखी मिट्टी खेतों में
उर्वरक का काम करती है। ग्राम पंचायत के सचिव गिरजेश तिवारी ने बताया कि मल
पर मक्खी बैठती है। इसके बाद बीमारी फैलती है। एबीआरसी रवि त्रिपाठी ने
कहा कि भोजन करने से पूर्व हाथों को अवश्य धोएं। हाथ न होने से फैलने वाली
बीमारियों के बारे में बताया।
इस मौके पर एसईएन कालेज के प्रधानाचार्य डा.
दिनेश सिंह, डा. वीके गुप्ता, डा. अमित वर्मा, एडीओ पंचायत संतोष दुबे,
एडीओ आईएसबी सेवाराम, आंगनबाड़ी सुपरवाइजर कामिनी शुक्ला, शिववती, अरुणा
देवी, शैलेंद्र दीक्षित आदि मौजूद थे।