कन्नौज। पिछले पांच दिन से लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। नरौरा बांध से मंगलवार को गंगा नदी में भी 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। इस कारण गंगा का जलस्तर ऊपर बढ़ने लगा है। महादेवी घाट पर गंगा अभी खतरे के निशान से 160 सेमी नीचे हैं। उधर, तटवर्ती गांवों में प्रशासन ने अलर्ट किया है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन ने इंतजाम किए हैं तो लेखपालों की ड्यूटी तटवर्ती इलाकों में लगाई गई है। वहीं, केंद्रीय जल आयोग की टीम की भी गंगा के जलस्तर पर नजर है। अभी गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की दर से बढ़ रहा है।
चौधरी चरण सिंह बांध नराैरा से गंगा में 80,447 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे गंगा का जलस्तर दोपहर बाद अचानक बढ़ने लगा और शाम को आठ बजे तक 124.300 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 124.900 मीटर से महज 160 सेंटीमीटर नीचे है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सूर्यमणि सिंह ने बताया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत मध्य भाग के कई जिलों में पिछले पांच दिन से लगातार बारिश हो रही है, जिसके चलते नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा सहायक नदियों से भी गंगा में पानी आ रहा है। इस कारण भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही है। गंगा में पानी बढ़ने से वह काली नदी में भी जाता है। इस कारण काली नदी भी उफनाने लगी है।
गंगा में जलस्तर बढ़ने की जानकारी मिलते ही प्रशासन अलर्ट हो गया है। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने गंगा के जलस्तर की 24 घंटे निगरानी के निर्देश दिए हैं। अधिशासी अभियंता ने बताया कि 27 सितंबर 2010 को नरौरा बांध से 4.27 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, तब जिले में बाढ़ आई थी और गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। इस बार लगातार 15 दिन तक पानी बढ़ा, इसके बाद कम होने लगा था। एडीएम आशीष कुमार सिंह का कहना है कि गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिसको लेकर तटवर्ती गांवों में अलर्ट किया गया है। बाढ़ राहत शिविरों में लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई है और किट तैयार की गई है। लगातार भ्रमण कर स्थिति का आंकलन किया जा रहा है।
कासिमपुर गांव में लगातार कटान
महादेवी घाट पर गंगा के किनारे बसे गांव कासिमपुर में लगातार कटान हो रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक कटान के कारण गांव में 11 घर और 150 मीटर पक्की सीसी रोड भी गंगा की गोद में समा चुकी है। प्रशासन ने हरदोई रोड पर बख्शीपुरवा गांव के सामने बाढ़ राहत शिविर लगाया है, जहां ग्रामीणों से सुरक्षित पहुंचाया जा रहा है। हालांकि अभी स्थिति इतनी भयावह नहीं है, फिर भी बाढ़ की संभावना को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है।
इन गांवों में जारी किया गया अलर्ट
जिले के कासिमपुर, बख्शीपुरवा, मेहंदीपुर, चौराचांदपुर, सलेमपुर ताराबांगर, गुमटिया, जुकइया, अड़ंगापुर, चौधरियापुर बांगर, कछोहा, जलेसर, चियासर, कुसुमखोर, लालपुर समेत 24 ग्राम पंचायतों में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।