कन्नौज। गंगा का जलस्तर कम हो रहा है पर बाढ़ प्रभावितों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। घर गृहस्थी बर्बाद होने से ग्रामीण परेशान हैं। फसलें चौपट हो चुकी हैं। पीड़ित ग्रामीण मंगलवार को गांव छोड़कर सड़क पर झोपड़ी डालकर रहने हैं।
भले ही गंगा के जलस्तर में चार सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन इससे बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। बाढ़ के चलते कटरी क्षेत्र के 20 से अधिक गांव अभी भी जलमग्न हैं। काली नदी लगातार उफान पर है, इससे ग्रामीणों में दहशत है। घरों के बाहर पानी भरने से मकान गिरने की चिंता सता रही है। सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र कासिमपुर व बक्सीपुर्वा के ग्रामीण कन्नौज-हरदोई मुख्य मार्ग पर डेरा जमाए हैं। ग्रामीण खुले आसमान के नीचे झोपड़ी बनाकर बाढ़ की त्रासदी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। फसलें नष्ट होने से ग्रामीणों के सामने भरण पोषण का संकट पैदा हो गया है। गांवों में पानी भरा होने से ग्रामीण आने जाने के लिए नावों का सहारा ले रहे हैं। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नजर बनाए हुए है। कई टीमें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार बचाव एवं राहत कार्य में जुटी हैं।
अपर जिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह का कहना है कि गंगा का जलस्तर कम हो रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। गांवाें में जलभराव के चलते संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट किया गया है।