सदर विकास खंड की ग्राम सभा कन्नौज कछोहा के मजरा
सदिकापुर व अलियापुर में शुक्रवार को पूरे दिन कई विभागों के अफसर चक्कर
काटते रहे। डीएम और एसपी के साथ ही राजस्व, आबकारी व पुलिस कर्मियों ने
गांव मे जाकर जांच की। उधर, दोनों मरने वालों के घरों पर पूरे दिन कोहराम
मचा रहा।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे नायब तहसीलदार रामकरन वर्मा, लेखपाल
विपुल राजस्व कर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और सदिकापुर के मृतक शिवराम
की पत्नी व बहन से बात की। बहन माधुरी ने बताया कि उनका भाई शराब नहीं पीता
था। गुरुवार को गुरसहायगंज में एक रिश्तेदारी में शादी समारोह था। इसमें
वह गांव के कुछ लोगों के साथ गया था।
वहां खाना खाकर घर आने के बाद हालत
बिगड़ गई। जिला अस्पताल में मौजूद भाई वीरेंद्र ने बताया कि तीन दिन से
उल्टी व दस्त हो रही थी। उसकी दवा भी चल रही थी। गुरुवार को अचानक हालत
बिगड़ी तो जिला अस्पताल लेकर भागे, पर रास्ते में ही मौत हो गई। शिवराम का
परिवार मजदूरी करके परिवार का पेट पालता था।
उसकी पत्नी विकलांग है। घटना
के बाद से सर्विलांस टीम को भी गांव में तैनात कर दिया गया है। पुलिस के
जवान मामले की छानबीन करने में जुटे हैं। भाजपा के पूर्व विधायक बनवारी
लाल दोहरे ने भी गांव पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी की और शोक संवेदना
जताई।
जिला अस्पताल में सपा नेता संजू कटियार, विजय कुमार तिवारी ने
पहुंचकर पीड़ितों का हालचाल लिया। उधर, मेडिकल कालेज के इमरजेंसी वार्ड में
भर्ती अशोक, दिनेश व कमलेश कुमार ने बताया कि उनके गांव में प्रधानी पद के
चुनाव का माहौल चल रहा है।
गुरुवार की शाम पांच बजे के करीब प्रधान पद के
एक प्रत्याशी की ओर से कुछ लोगों ने गांव में शराब बंटवाई। बस्ती के करीब
एक दर्जन से अधिक लोगों ने शराब ले ली। शाम छह से सात बजे के बीच कुछ लोगों
ने शराब पी ली। बाद में खाना खाना खाया। इसके थोड़ी देर बाद ही उनके पेट
में दर्द शुरू हो गया। दर्द धीरे धीरे बढ़ने लगा।
गांव में कोई डाक्टर न
होने से नहीं मिल पाया। देर रात हालत काफी बिगड़ गई। इस पर एंबुलेंस की
मदद से जिला अस्पताल पहुंचे। यहां से उन्हें मेडिकल कालेज में रेफर कर दिया
गया। उधर, मेडिकल कालेज के मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. दिलीप सिंह व
इमरजेंसी प्रभारी डा. शादाब का कहना है कि भर्ती पांच मरीजों का इमरजेंसी
में उपचार किया गया, जिसमें पृथ्वीराज की मौत हो गई।
राजू की हालत गंभीर
होने पर उसे कानपुर रेफर कर दिया गया। डाक्टरों का कहना है कि प्वाइजनिंग
का मामला सामने आया है। फूड प्वाइजनिंग है अथवा शराब पीने से हालत बिगड़ी
है, यह स्पष्ट नहीं हो सका है, पर भर्ती मरीज शराब पीने की बात स्वीकार रहे
हैं।