मेडिकल कालेज के निर्माण को 10 साल पूर्व नुनारी गांव
के किसानों की जमीनें लेकर उन्हें सरकारी दर पर मुआवजा भी दिया गया था। उस
दौरान तत्कालीन सांसद व मौजूदा सीएम अखिलेश यादव ने भरोसा दिलाया था कि
जिन किसानों की जमीनें ली गई हैं, उनके परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी दी
जाएगी।
पर यह आश्वासन आज तक पूरा नहीं हो पाया। इससे खफा नुनारी गांव के दो
युवक मंगलवार की दोपहर 11 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गए। इस दौरान दर्जनों
युवक फील्ड पर धरने पर बैठ गए। मामले की जानकारी पाते ही तिर्वा कोतवाल
बीएल यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पानी की टंकी पर चढ़े नुनारी
गांव के लाल सिंह यादव (27) पुत्र प्रताप सिंह और कल्लू (18) पुत्र जवाहर
को समझाने का प्रयास किया पर दोनों नहीं माने। सभी मौके पर डीएम को बुलाने
की मांग कर रहे थे। इस पर कोतवाल ने जानकारी जिले के अफसरों को दी।
सूचना
पाते ही एसडीएम उदयवीर सिंह, सीओ सुरेंद्र पाल सिंह, मेडिकल कालेज के
सीएमएस डा. दिलीप सिंह मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर नुनारी के प्रधान पति
जयवीर सिंह यादव, पूर्व प्रधान सूरज यादव, रामप्रकाश फौजी भी मौके पर
पहुंचे। सभी ने धरने पर बैठे युवकों को समझाने का प्रयास किया, पर किसी ने
नहीं सुनी।
युवकों का कहना था कि सरकार बनने के बाद भी नौकरी के लिए सीएम
को ज्ञापन दिया था। सीएम ने नौकरी देने का भरोसा भी दिलाया था, इसके
बावजूद भी किसी को नौकरी नहीं मिली है। युवकों ने कहा कि जब तक खुद डीएम
मौके पर आकर आश्वासन नहीं देते, धरना जारी रहेगा।
करीब तीन घंटे तक अफसरों
के समझाने के बाद भी कोई टस से मस नहीं हुआ। बाद में पानी की टंकी पर चढ़े
दोनों युवक देर शाम साढ़े छह बजे एसडीएम व सीओ के समझाने के बाद टंकी से
नीचे उतर आए। इसके बाद धरना दे रहे अन्य युवकों ने भी अपना धरना वापस ले
लिया।
इस बाबत एसडीएम ने बताया कि युवकों ने सीएम को संबोधित एक ज्ञापन
उनको दिया है। जिसे जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज
दिया गया है। धरना दे रहे युवकों की बुधवार को जिलाधिकारी से वार्ता कराई
जाएगी।