कन्नौज। गांवों में सफाई व्यवस्था की बदहाली और जिम्मेदारों की अनदेखी से जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियां चोक होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जबकि कूड़े का समय से उठान न होने से ग्रामीणों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों की शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। ऐसे में गांवों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी संभालने वाला सिस्टम सवालों के घेरे में है।
जनपद में एक अक्तूबर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत हुई। शहर से लेकर गांवों में नगर निकायों और पंचायत राज विभाग को साफ-सफाई और जलभराव की समस्या को दूर कराने के साथ ही फॉगिंग व एंटी लार्वा के छिड़काव की जिम्मेदारी है। सफाई अभियान और फॉगिंग व एंटी लार्वा का छिड़काव तो सिर्फ कागजों तक ही सीमित होकर रह गया है, जिस कारण शहर से लेकर गांवों तक में लोग वायरल बुखार के साथ ही अन्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। जिम्मेदार रोस्टर बनाकर सफाई कराने का दावा तो कर रहे हैं, लेकिन अगर अभियान के साथ ही साफ-सफाई व दवाइयाें का छिड़काव कराया जा रहा होता तो लोग बीमारियों से दम नहीं तोड़ रहे होते। डीपीआरएओ जितेंद्र कुमार गोंड ने बताया कि सफाई कर्मियों को गांवों में जाकर सफाई व्यवस्था और जलभराव की समस्या दूर कराने के निर्देश दिए गए हैं, जहां पर भी लापरवाही की जा रही है, उसी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।