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सपाइयों की पुलिस से धक्कामुक्की

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कन्नौज। सपाइयों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। सदर तहसील में अनुमति न मिलने पर कलक्ट्रेट मैदान में प्रदर्शन हुआ। यहां पुलिस से धक्कामुक्की हुई। तिर्वा और छिबरामऊ में कई सपा नेता घर में नजरबंद कर दिए गए। जुटे सपाइयों ने जगह-जगह प्रदर्शन कर आवाज बुलंद की। तीनों जगह राष्ट्रपति को संबोधित 16 सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया गया। दोपहर में डीएम राकेश कुमार मिश्रा, एसपी प्रशांत वर्मा ने तहसीलों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।
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शहर में सपा जिलाध्यक्ष कलीम खान की अगुवाई में प्रदर्शन हुआ। सदर विधायक अनिल दोहरे व सपा नेता नवाब सिंह यादव भी यहां पहुंचे। अनिल दोहरे ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या कर जनादेश का अपमान किया जा रहा है। समाजवादी कार्यकर्ताओं पर फर्जी मुकदमे लगाकर डराया जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष कलीम खान ने कहा कि पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भाजपा के हाथों कठपुतली बन गए हैं। पूर्व ब्लाक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने कहा कि सपा की सरकार 2022 में आ रही है। भाजपा के एजेंट के रूप में काम करने वाले अधिकारी यह समझ लें। करीब एक घंटे तक नारेबाजी और प्रदर्शन का दौर चला। कुछ सपाई पानी की व्यवस्था न होने से बाहर जाने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस पर धक्कामुक्की हुई। बाद में एसडीएम गौरव शुक्ला को ज्ञापन देकर सपाइयों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इस मौके पर नीलू यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष मुन्ना दरोगा, वीरेंद्र वर्मा, राजेश पाल, बजरंग सिंह चौहान, कैश खान, अमित मिश्रा, सत्येंद्र यादव, संजय यादव, भगवान यादव, संदीप पाल, अर्चना मिश्रा, फूल सिंह राजपूत, कल्लू शर्मा सहित सैकड़ों सपाई मौजूद रहे।
घर के बाहर पहरा, छत से कूद प्रदर्शन में पहुंचे
तिर्वा। प्रदर्शन में शांति व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए प्रशासन ने सपाइयों को कई जगह रास्ते में रोक लिया। कई नेताओं के घरों के बाहर पुलिस बैठ गई। इसके बाद भी छत से कूद कर और दूसरे रास्तों से कई नेता और कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आह्वान पर यह प्रदर्शन हुआ। सुबह से तहसील को पुलिस छावनी बना दिया गया। सपा नेता पूर्व राज्य शिक्षा मंत्री विजय बहादुर पाल के पुत्र अनिल पाल को प्रदर्शन में जाने से रोकने के लिए पुलिस उनके घर के बाहर बैठ गई। वह छत से कूद कर दूसरे रास्तों से पहुंच गए। पुलिस की गिरफ्त से बचते बचाते सपाई तहसील पहुंचे। सपाइयों को आता देख प्रशासन ने तहसील का गेट बंद करा दिया। सपाई वहीं प्रदर्शन करने लगे। कुछ देर बाद तहसीलदार अनिल कुमार सरोज ने ज्ञापन लिया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। इस मौके पर राकेश यादव, श्याम सिंह यादव, दिगंबर सिंह यादव, अंशू पाल, विजय द्विवेदी, बजरंग सिंह चौहान, आलोक वर्मा, नवरंग यादव, लाल सिंह समेत अन्य सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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पुलिस प्रशासन ने सपाइयों को तहसील जाने से रोका
छिबरामऊ। पार्टी के निर्देश पर तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन के लिए जा रहे सपाइयों को पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। तहसील मुख्यालय जाने की जिद पर अड़े पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव को पुलिस ने उनके आवास के बाहर समर्थकों के साथ गिरफ्तार कर लिया। इन्हें अस्थायी जेल सेंट पॉल स्कूल पहुंचाया। यहां से एक घंटे बाद सभी सपाइयों को छोड़ दिया गया। पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव के आवास पर सुबह कार्यकर्ता पहुंच गए। पुलिस और प्रशासन ने पूर्व विधायक के घर को छावनी में तब्दील कर दिया। आवास पर सभा करने के बाद सपाई तहसील मुख्यालय जाने के लिए निकले। पुलिस ने रस्सा लगाकर सपाइयों को रोक लिया। धक्कामुक्की हुई लेकिन पुलिस ने आगे नहीं बढ़ने दिया। सपाइयों ने पुलिस प्रशासन व सरकार के विरोध में नारेबाजी की। पूर्व विधायक अरविंद सिंह यादव ने सपाइयों पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लिए जाने सहित 17 सूत्री मांगों का ज्ञापन एसडीएम देवेश कुमार गुप्त को सौंपा। इसके बाद भी पूर्व विधायक तहसील मुख्यालय जाने की जिद पर अड़े रहे। तब बस से अस्थाई जेल भेज दिया गया। पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रताप सिंह यादव, प्रदुम्न सिंह यादव, पूर्व सयुस जिलाध्यक्ष आफाक खान, पूर्व प्रधान शैलेंद्र सिंह राठौर बबल, सयुस कार्यालय के बाहर से अशोक चौहान, मेजर सिंह यादव, अनुज यादव, जिपंस प्रमोद यादव, नरेश वर्मा, पूर्व ब्लॉक प्रमुख सोनू यादव, रॉबिन सिंह यादव आदि को गिरफ्तार किया गया।
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