विशुनगढ़ रोड पर रामलीला मैदान के पास रविवार शाम सात
बजे बाइक सवार दो सिपाहियों ने साइकिल से जा रहे ग्रामीण से 10 हजार रुपये
की नगदी लूट ली। जब ग्रामीण ने विरोध किया तो सिपाहियों ने उसकी धुनाई कर
दी। शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे पीड़ित को वहां भी फटकार मिली।
देर रात तक
मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। पीड़ित के साथ ग्रामीणों की भीड़
कोतवाली में डटी थी। मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के ग्राम नगला
जोर निवासी लाल सिंह ने बताया कि उसके पिता रामसनेही नगर के पीपल गली स्थित
स्वाति नर्सिंग होम में भर्ती है। उनके पेट का आपरेशन हुआ है।
रविवार को
वह सरायप्रयाग निवासी अपने मामा सतेंद्र सिंह से अपने पिता के उपचार के लिए
10 हजार रुपये लेकर आए थे। अस्पताल से देर शाम करीब सात बजे वह साइकिल से
अपने गांव खाना लेने जा रहे थे। जब वह विशुनगढ़ रोड पर रामलीला मैदान के
पास पहुंचे तभी वहां पहले से ही खड़े दो सिपाहियों ने उसे रोक लिया और
हड़काते हुए जामा तलाशी के नाम पर उसके पास से पिता के उपचार के लिए जेब
में रखे 10 हजार रुपये की नगदी छीन ली।
जब उसने इसका विरोध किया तो दोनों
सिपाहियों ने लात-घूसों से उसकी जमकर धुनाई कर दी। बाद में दोनों सिपाही
उससे शराब खरीदने के लिए भी दबाव बना रहे थे। किसी तरह उनके चंगुल से
छूटकर वह गांव पहुंचा और आपबीती बताई। ग्रामीणों के साथ वह कोतवाल आया और
उसने वहां मौजूद कोतवाल रामप्रकाश पांडेय को घटना की जानकारी दी।
सिपाहियों
द्वारा की गई लूट की बात सुनते ही कोतवाल भड़क गए और उन्होंने बजाय कोई
कार्रवाई करने के उलटा उसे ही हड़काना शुरू कर दिया, जिससे ग्रामीण सहम
गया। पीड़ित ने कोतवाली में बताया कि सिपाहियों ने उससे रुपये लूट लिए कोई
बात नहीं, पर उसे मारा क्यों। उसने दोनों सिपाहियों को कोतवाली में पहचान
भी लिया।
जब वह कोतवाली में था तभी दोनों सिपाही भी वहां पहुंच गए और उसे
देखते ही इधर-उधर हो गए। देर रात तक मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई थी। पीड़ित
के साथ ग्रामीणों की भीड़ कोतवाली में डटी हुई थी। उधर, घटना के संबंध में
जब क्षेत्राधिकारी वीपी सिंह सोलंकी से जानकारी की गई तो उन्होंने बताया
इस तरह की किसी भी घटना की उन्हें जानकारी नहीं है।