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सामूहिक नकल वाले स्कूल नहीं बनेंगे केंद्र

Sun, 18 Oct 2015 11:40 PM IST
ब्यूूराे/अमर उजाला, कन्नौज
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इलाहाबाद बोर्ड की वर्ष 2016 में होने वाली परीक्षा के लिए स्कूलों को केंद्र बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रमुख सचिव ने गाइड लाइन जारी कर दी है। आदेश सभी जिलों को भेज दिए गए हैं। परीक्षा केंद्र बनाने के लिए जो नियमावली बनी है, उसमें कहा गया कि वर्ष 13, 14 व 15 में जिन परीक्षा केंद्रों पर अफसरों के साथ अभद्र व्यवहार हुए हैं, हिंसा, आगजनी हुई और उसकी एफआईआर दर्ज कराई है, ऐसे कालेज परीक्षा केंद्र नहीं बनेंगे।
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सामूहिक नकल या डिबार वाले स्कूल भी वर्ष 16 में परीक्षा केंद्र भी नहीं बनेंगे। पिछले सालों की तरह एक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक तैनात होंगे, जो टीचर बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी नहीं करेंगे, उनको अनुपस्थित मानते हुए वेतन काटा जाएगा। बोर्ड परीक्षा के दौरान महिला कक्ष निरीक्षक व सचल दल में भी महिला टीचर आदि चलेंगी।

केंद्र निर्धारण में अगर दूरी का निर्धारण नहीं दिखाया या दूरी में अंतर हुआ तो प्रधानाचार्य और डीआईओएस जिम्मेदारी होंगे। उन पर कार्रवाई भी की जाएगी। बालकों के लिए पांच से आठ किमी दूरी तक परीक्षा केंद्र निर्धारित होगा। विषम परिस्थितियों में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों का केंद्र 12 किमी के दायरे में किया जाएगा।
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हाईस्कूल परीक्षार्थी आठ किमी तक परीक्षा दे सकेंगे। बालिकाओं को स्वकेंद्र या स्थानीय केंद्र न मिलने पर पांच किमी दूरी तक परीक्षा केंद्र में भेजा जा सकेगा। एक कालेज की छात्राओं का परीक्षा केंद्र अलग-अलग नहीं बनाया जाएगा। प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने पत्र में कहा कि वर्ष 15 में जिन केंद्रों में परीक्षाएं शांतिपूर्वक व साफ-सुथरी संपन्न हुईं थीं, वहां को केंद्र बनाने पर वरीयता दी जाएगी।

जिन कालेजों के छात्रों को पिछले बार जिस कालेज में परीक्षा के लिए भेजा जा चुका है, उसी कालेज के उसी केंद्र पर अबकी छात्र परीक्षा के लिए नहीं भेजे जाएंगे। वर्ष 16 की परीक्षा में वित्तविहीन स्कूलों का आवंटन अवरोही क्रम में इस तरह होगा कि जनपद की सर्वाधिक संख्या वाले वित्तविहीन स्कूलों का छात्र आवंटन सर्वप्रथम राजकीय एवं सहायता प्राप्त स्कूलों में किया जाए।

राजकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्र संख्या समायोजित न होने की निर्विकल्प स्थिति में ही अवशेष न्यूनतम संख्या वाले वित्तविहीन स्कूलों को परीक्षा के लिए आवंटित किया जाए। सामान्य रूप से वित्तविहीन स्कूलों के परीक्षार्थियों को वित्तविहीन स्कूलों में परीक्षा के लिए आवंटित करने पर रोक लगा दी गई है।

इसके अलावा प्रमुख सचिव ने आदेश दिए कि तंबू लगाकर या खुले में परीक्षाएं कतई न कराई जाएं। परीक्षा केंद्र बनाते समय क्षमता का आकलन जरूर किया जाए। उधर, परीक्षा केंद्र निर्धारण में जनपदीय समिति में डीएम अध्यक्ष, डीआईओएस सदस्य सचिव, बीएसए, दो वरिष्ठ प्रधानाचार्य जिसमें एक ग्रामीण क्षेत्र से सदस्य होंगे। इसके अलावा संबंधित परगना मजिस्ट्रेट भी सदस्य बनेंगे।
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