तालग्राम ब्लाक परिसर में 204 मनरेगा मजदूरों का श्रम
प्रवर्तन अधिकारी ने शिविर लगा पंजीकरण करने के लिए आवेदन जमा किए। कई
मजदूरों के 50 दिन काम के पूर्ण न होने के कारण वे मायूस होकर बैरंग लौट
गए। वहीं कई मजदूरों ने सचिव का फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर पंजीकरण को आवेदन
कर दिया।
अब तक तालग्राम ब्लाक में 879 मजदूरों ने 50 दिन से ज्यादा काम
किया है। गुरसहायगंज की श्रम प्रवर्तन अधिकारी पंचेश्वरी ने अपने वरिष्ठ
लिपिक देवेंद्र सिंह के साथ सुबह 11 बजे पहुंचकर ब्लाक में कैंप लगाया।
इसमें मनरेगा मजदूरों के आवेदन पत्र जमा कराने की प्रक्रिया शुरू कराई।
उधर, ग्राम पंचायत बमरौली के हिम्मत नगला निवासी दिनेश कुमार, सर्वेश
कुमार, रंगलाल, राम सनेही, पुनीत ने कहा कि उन लोगों ने 50 दिन से ज्यादा
काम किया। इसके बावजूद सूची में उनका नाम नहीं है। वहीं कई ऐसे मजदूरों का
नाम है, जिन्होंने कोई काम ही नहीं किया।
नवाब सिंह ने आरोप लगाया कि
जाबकार्ड मेट अपने पास रखते थे, जिन्होंने उस पर काम करने की इंट्री ही
नहीं की। उधर, मेट पंकज कुमार ने बताया कि कई मजदूरों ने प्रधान की
स्वीकृति लेकर दूसरे के जाबकार्ड पर काम कर दिया। ग्राम पंचायत गदौरा के
मवई गांव निवासी सीताराम, सुभाष चंद्र ने बताया कि उन लोगों ने 50 दिन से
ज्यादा काम किया है, पर उनका नाम सूची में नहीं आया है।
वहीं कई मजदूरों ने
सचिव के फर्जी हस्ताक्षर व मोहर लगाकर प्रमाणपत्र लगाकर पंजीकरण के लिए
आवेदन किया है। बाबू की जांच के दौरान इसका खुलासा हुआ। श्रम प्रवर्तन
अधिकारी ने बताया कि उन्होंने जाब कार्ड की फोटोकापी, सचिव द्वारा प्रमाणित
दिवसों के आधार पर आवेदन स्वीकार कर पंजीकरण किया है। इस दौरान सचिव
रविप्रताप सिंह, रमेश चंद्र, दिनेश चंद्र, गौरीशंकर, एडीओ पंचायत संतोष
दुबे और मुजीब आदि मौजूद थे।