जिले के नोडल अफसर सचिव पीडब्ल्यूडी डा. हरिओम ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में विकास कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान सड़कें घटिया बनने के साथ देरी होने पर वे भड़क गए। लोकनिर्माण विभाग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता अंबिका सिंह को जमकर फटकार लगाई।
वहीं चार महीने पहले निरीक्षण के दौरान मॉडल स्कूल गंगधरापुर में खराब दरवाजे, खिड़की, टायल्स को ठीक न कराने पर यूपीपीसीएल के प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए।
सचिव ने कहा कि निर्माण खंड के एक्सईएन सुधर नहीं रहे हैं। हर बार बैठकों में कार्यप्रणाली ठीक करने की हिदायतें देते हैं लेकिन उन पर असर नहीं हो रहा है।
तमाम निर्देश व चेतावनी के बावजूद आज भी हालत पहले जैसी ही है। काम में निकलने वाली कमी को मानने के बजाय वे गलतियां छुपाने में जुट जाते हैं। बजट होने के बावजूद सड़कें समय से पूरी न होना अफसोसजनक है।
सचिव ने कहा कि नौकरी में समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। समय बदला तो एक्सईएन की बाकी नौकरी लखनऊ में बैठकर बीतेगी। उनके खिलाफ लिखापढ़ी चल रही है। इसलिए अच्छा होगा कि वे कामचोरी व हठधर्मिता छोड़कर सुधर जाएं। सचिव ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता डीके श्रीवास्तव की भी क्लास लगाई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनने वाली 6 सड़कें क्षतिग्रस्त होने के बावजूद मरम्मत न होने का मामला सामने आया। एक्सईएन ने नोटिस जारी करने की सफाई दी पर सचिव संतुष्ट नहीं हुए और जिलाधिकारी को सभी सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराकर मरम्मत न करने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड करने जिम्मेदारी सौंपी।