मूसलाधार बारिश ने गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के पार कर दिया है। गुरुवार को गंगा का जलस्तर 125.220 मीटर पर पहुंच गया। कटरी के कई खेतों में गंगा का पानी घुस गया है। कासिमपुर का रास्ता एक बार फिर जलमग्न हो गया है। यहां वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। जानकारों की मानें तो अब जलस्तर बढ़ा तो घरों तक पानी घुस सकता है।
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने कटरी क्षेत्र के किनारे बसे गांवों कटरी गंगपुर, कटरी कासिमपुर, कटरी फिरोजपुर, महावलीपुर, कटरी अमीनाबाद, कटरी डूंगरपुर, जलालपुर अमरा, तेरारागी, चौधरियापुर कछोहा, दरियापुर, गुगरापुर बांगर, वलिदादपुर, कपूरपुर, सढ़ियापुर, मिश्रीपुर, कन्नौज कछोहा, दरियापुर चदई, सलेमपुर रमई के ग्रामीणों की समस्याओं को एक बार फिर से बढ़ा दिया है। गंगा किनारे बसे गांव कासिमपुर में बाढ़ का पानी एक बार फिर घुसकर ग्रामीणों के घरों तक पहुंच रहा है।
यदि पानी के जलस्तर में एक और दिन इजाफा हुआ तो फिर से लोगों के घरों में पानी घुसने की आशंका है। ग्रामीणों की मानें तो गांव में पहले भरे बारिश की चलते आस-पास की मिट्टी पहले की अपेक्षा कमजोर हो चुकी थी। अब दोबारा उसी जगह पहुंचे पानी की तेज टक्करों के चलते तेजी से कटान हो रहा है। इसके साथ ही गांव के खेतों में फिर से पानी भर गया है। इससे खेतों में रोपी गई फसल भी नष्ट होने की पूरी संभावना है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की को किसी भी प्रकार आर्थिक मदद नहीं दी गई है।
यहां तक जानवरों के टीकाकरण के लिए भी गांव में कोई टीम अभी तक नहीं गई है। केंद्रीय जल आयोग प्रभारी शिवनाथ सिंह यादव ने बताया कि कहीं से भी पानी अभी छोड़ा नहीं गया है। हाल के दिनों में आस-पास के जनपदों में हुई मूसलाधार बारिश के चलते यह स्थिति पैदा हुई है। उन्हाेंने कहा कि यदि आगे की 24 घंटो में और पानी नदी में नहीं आया तो जलस्तर के गिरने की संभावना है। गांव में पहले से आई बाढ़ की गंदगी अभी सड़ रही है जिससे गांव में बीमारी फैलने की आशंका है, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ रखकर बैठा है।