राजकीय मेडिकल कालेज में एक सप्ताह पहले एमबीबीएस
फाइनल ईयर की मान्यता के लिए निरीक्षण करने आई एमसीआई की टीम के समक्ष मिली
खामियों को लेकर शनिवार को मेडिकल कालेज पहुंचे प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा
महानिदेशक डा. वीएन त्रिपाठी का पारा चढ़ा दिखाई दिया।
उन्होंने
घूम-घूमकर सभी विभागों का निरीक्षण किया। बाद में सीएमएस दफ्तर में
डाक्टरों की बैठक लेकर अपनी भड़ास निकाली और डाक्टरों को ईमानदारी से
ड्यूटी करने की सलाह दी। मेडिकल कालेज में शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे
डीजीएमई पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के
दौरान कुछ सीनियर डॉक्टर अपने केबिनों में नहीं मिले। इमरजेंसी के निरीक्षण
के दौरान जूनियर डाक्टर तो मौजूद मिले पर विशेषज्ञ चिकित्सक यहां भी नदारत
थे। इसके बाद उन्होंने जनरल वार्ड का भी निरीक्षण किया। मेडिसिन वार्ड,
आर्थो व ईएनटी में बहुत कम मरीज भर्ती मिले। यह हाल देख उन्होंने तत्काल
डाक्टरों की मीटिंग बुलाई।
सभी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि अगली बार
निरीक्षण में लापरवाही मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी
चेतावनी दी कि कोई भी सीनियर चिकित्सक शाम चार बजे से पहले कैंपस नहीं
छोड़ेगा। ओपीडी के बाद सभी वरिष्ठ चिकित्सक जनरल वार्ड और इमरजेंसी में
भर्ती मरीजों को देखेंगे।
ज्ञात हो कि एक सप्ताह पहले एमसीआई के निरीक्षण
के दौरान मेडिकल कालेज में भर्ती मरीजों की संख्या मानक से काफी कम मिली
थी। ओपीडी में भी मरीज कम थे। इसके अलावा कानपुर और लखनऊ से आकर ड्यूटी
करने वाले 15 वरिष्ठ चिकित्सक काफी लेट आए थे। इस पर एमसीआई टीम ने उनकी
उपस्थित दर्ज नहीं की थी।
इस दौरान सीएमएस डा. दिलीप सिंह, सर्जन आई ए
अंसारी, डा. संजीव त्रिपाठी, डा. नरेंद्र सिंह, इमरजेंसी प्रभारी डा.
शादाब, डा. मधुलिका सहित कई चिकित्सक मौजूद थे।