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बाजार में भाव न मिलने से आलू कोल्ड स्टोरेज पहुंचा रहे किसान

Sun, 26 Feb 2017 10:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूराो/कन्नौज
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आलू - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कई दिनों से आलू की खुदाई कर चल रही है। मजदूरों की मारामारी व आलू का सही भाव न मिलने से किसानों ने अपना आलू डंप करना शुरू कर दिया है। डीएचओ का कहना है कि शीतगृहों में करीब 65 फीसदी तक आलू भंडारित हो चुका है।
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एक माह से आलू की खुदाई तेज गति से चल रही है। आलू मंडियों में नई फसल के आलू का अच्छा भाव न होने से अधिकतर किसानों ने शीतगृह में भंडारित करने में ही भलाई समझी। शीतगृह मालिक उन किसानों का आलू ही भंडारित कर रहे हैं, जिन्होंने पिछले वर्षों में आलू भंडारित किया है, अथवा उनसे बारदाना ले गए। नए किसानों का आलू भंडारित नहीं हो रहा है। जिसका प्रमुख कारण आलू की अधिक पैदावार माना जा रहा है।

आलू की बंपर खुदाई का नतीजा है कि शीतगृहों में 55 फीसदी से अधिक आलू भंडारित किया जा चुका है। खेतों से आलू की खुदाई भी करीब 65-70 फीसदी तक हो चुकी है। खेत में तीस फीसदी के आसपास फसल खड़ी है, जिनकी खुदाई के लिए किसान लगातार प्रयासरत हैं। वहीं, दिन में चलने वाली तेज हवाओं ने किसानों को खासा परेशान कर रखा है। इन हवाओं से जायद की मक्का की बुआई व गेहूं की पिछैती फसल को नुकसान पहुंच रहा है। खेत की नमी गायब हो जाने से सिंचाई करने में किसानों की जेबें अधिक ढीली हो रही हैं।
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डीएचओ मुन्ना यादव ने कहा कि जिले में शीतगृहों में तेजी के साथ आलू भंडारित हो रहा है। अनुमान है कि सभी किसानों का आलू भंडारित हो जाएगा। जिले में संचालित शीतगृहों में एक से सवा लाख पैकेट भंडारित करने की क्षमता है। चार नए शीतगृह भी इस बार बनकर तैयार हुए हैं। यदि वह समय पर एनओसी ले लेते हैं तो ऐसे में उन क्षेत्रों के किसानों को आलू भंडारित में अधिक दिक्कतें नहीं होंगी।
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