महोबा। जिले में हुए फसल बीमा घोटाले का मुद्दा विधानसभा तक पहुंच गया। सदर विधायक राकेश गोस्वामी ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के समक्ष मुद्दा उठाते हुए बुंदेलखंड के सभी जिलों में इस योजना में हुए घोटाले की एसआईटी से जांच कराने की मांग की। उन्होंने इस मामले में कृषि विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की मिलीभगत की भी आशंका व्यक्त की है।
विधायक राकेश गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान नियम 301 के तहत महोबा समेत पूरे बुंदेलखंड में फसल बीमा योजना में हुई धांधली का उठाया। बताया कि जनपद महोबा और झांसी में करीब तीन माह पहले फसल बीमा योजना में गड़बड़ी उजागर हो चुकी है। घोटालेबाजाें ने बीमा कंपनी से सांठ-गांठ करके न सिर्फ किसानों की भूमि बल्कि नदी, जंगल, पहाड़ आदि में भी फर्जी बीमा कराकर रकम हड़प ली। बुंदेलखंड के प्रत्येक जिले में इस तरह के घोटाले सामने आ रहे हैं। इसमें बीमा कंपनी, जनसेवा केंद्र संचालकों व कृषि विभाग की मिलीभगत है। इसके चलते प्रभावित वास्तविक किसानों को फसल बीमा का मुआवजा नहीं मिल सका है।
फर्जीवाड़ा करने वालों ने 10 रुपये के स्टांप पर ही फर्जी बटाईदार बनकर जमीन का बीमा कराया और क्लेम प्राप्त कर लिया। यदि सत्यापन सही ढंग से किया गया होता तो यह फर्जीवाड़ा नहीं होता। इस तरह से इस घोटाले में बीमा कर्मियों व कृषि विभाग की संलिप्तता है। विधायक राकेश गोस्वामी ने महोबा के साथ ही बुंदेलखंड के सभी जिलों में फसल बीमा योजवा में हुए करोड़ों के घोटाले की एसआईटी से उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। जय जवान-जय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह राजपूत कहते हैं कि यदि एसआईटी गठित हो जाती है तो निश्चित रूप से सभी घोटालेबाज पकड़ में आ जाएंगे और किसानों को उनका हक मिल सकेगा। जिले में करीब 40 करोड़ का घोटाला हुआ है लेकिन मुख्य सूत्रधार सामने आना बाकी है।