ब्लाक संसाधन केंद्र पर संकुल प्रभारियों की बैठक कर
खंड शिक्षा अधिकारी ने पंचायत चुनाव को लेकर चर्चा की। उन्होंने विकास खंड
क्षेत्र के उन स्कूल जिनमें मतदान केंद्र बनाए गए हैं में साफ-सफाई के साथ
शौचालय, फर्नीचर, पेयजल और विद्युत व्यवस्था के संबंध में जरूरी
दिशा-निर्देश दिए।
सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी ने बीआरसी में बैठक
लेते हुए पंचायत चुनाव संबंधी सूचनाओं पर चर्चा की। उन्होंने सभी संकुल
प्रभारियों को निर्देश दिए कि मतदान केंद्र वाले सभी विद्यालयों में पेयजल
शौचालय, हैंडपंप, विद्युत और फर्नीचर आदि की व्यवस्था को दुरुस्त कर दिया
जाए। विद्यालय परिसर के अंदर ईंट-पत्थर एकत्र न हों।
यदि हों तो उन्हें
हटवा दिया जाए। उन्होंने स्कूल में तैनात रसोइयों को पोलिंग पार्टियों के
पहुंचने पर उन्हें स्वल्पाहार और मतदान के दिन भोजन की व्यवस्था और
साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी एनपीआरसी को निर्देश दिए कि
न्याय पंचायत में यदि कोई विद्यालय शिक्षामित्र के कारण बंद की कगार पर हो
तो उसकी तत्काल सूचना दें।
वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने
कहा कि बहुत से प्रधानाध्यापक और इंचार्ज प्रधानाध्यापक एसएमएस से उपस्थिति
नहीं भेज रहे हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित कर लिया गया है। उनके खिलाफ
कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ प्रधानाध्यापक अभी भी इस मामले में
लापरवाही बरत रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कई टीचर
स्कूल पहुंचने से पहले घर बैठे ही एसएमएस कर रहे हैं। उनके खिलाफ भी
कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देश पर स्कूलों की
गुणवत्ता के लिए चार बिंदुओं को चिह्नित किया जा रहा है। जिसमें खराब,
सामान्य, अच्छा और बहुत अच्छा। यह चार श्रेणियां रखी गई हैं।
निरीक्षण के
दौरान खराब स्थिति में चिह्नित किए गए विद्यालयों को सामान्य स्थिति में
लाने के लिए संबंधित एनपीआरसी को कड़े निर्देश दिए गए। बैठक में वरिष्ठ
समन्वयक डा. आशीष राजपूत, राजपाल शाक्य, मीना सिंह, शैलेष मिश्रा, प्राथमिक
शिक्षक संघ के अध्यक्ष एनपीआरसी अनूप मिश्रा, विनोद मिश्रा, श्यामवीर
शाक्य, अविनाश मोहन यादव, राजेश पाठक, असित दुबे, डा. अनिल शाक्य, मुनीष
गुप्ता, बृजेश सिंह, पुरुषोत्तम और ओमकार यादव आदि मौजूद थे।